आरोपी सातवीं क्लास तक पढ़ा है और मैसूर के बाइलाकुप्पे का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी स्पेनिश के साथ-साथ अमेरिकन इंग्लिश अच्छी तरह से बोलता है।

ट्रेंडिंग डेस्क. बेंगलुरु पुलिस ने एक 33 वर्षीय व्यक्ति को मैट्रिमोनियल साइट्स पर कई महिलाओं को धोखा देने के आरोपा में गिरफ्तार किया है। ये व्यक्ति खुद को 'मैसूर रॉयल फैमली' का मेंबर और अमेरिका में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने का दावा करके महिलाओं से पैसे लेता था। व्हाइटफील्ड साइबर इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स सेल पुलिस (Whitefield Cyber Economic and Narcotics Cell police) के अनुसार, आरोपी की पहचान सिद्धार्थ के रूप में हुई है। 

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आरोपी सातवीं क्लास तक पढ़ा है और मैसूर के बाइलाकुप्पे का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी स्पेनिश के साथ-साथ अमेरिकन इंग्लिश अच्छी तरह से बोलता है। स्पेनिश और अमेरिकन इंग्लिश उसने मैसूर के पास बाइलाकुप्पे शरणार्थी शिविर में रहने वाले तिब्बतियों से सीखी थी।

मैट्रिमोनियल साइट्स पर प्रोफ़ाइल बनाने के बाद, उसने दावा किया कि वह मैसूर रॉयल फैमली का मैंबर है और उसने अमेरिका में एक प्रमुख आईटी कंपनी के लिए काम किया था। रॉयल फैमली की मॉर्फ्ड तस्वीरें भी भेजीं थी। पुलिस के अनुसार, उसने अमेरिकी लहजे से अंग्रेजी बोलकर और स्पेनिश के जरिए महिलाओं को धोखा दिया। 

कैसे लेता था पैसा
पुलिस ने बताया कि एक बार जब वह महिलाओं का विश्वास हासिल कर लेता, तो वह उन्हें बताता कि कोई मेडिकल इमरजेंसी है और उसे कुछ पैसों की जरूरत है। पीड़ितों ने उस पर विश्वास किया और उसके द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए। 

कैसे सामने आया मामला
पुलिस ने बताया कि एक 30 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद सिद्धार्थ का तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया। उसने एक लेक्चरर समेत कई महिलाओं से 42 लाख रुपये की ठगी की। उसने तीन मामलों भी स्वीकार किए हैं।