अमरीकी सेना ने 8 जून 1972 को वियतनाम में इस बच्ची के गांव नेपाल्म में बम गिराए। लोग जान बचाने के लिए दौड़ रहे थे। बाकी जो लोग भी बेतहाशा बदहवास दौड़े-दौड़े भागे-भागे जा रहे थे, वे सभी कपड़ों में थे। बस यही एक लड़की न्यूड थी यानी बिल्कुल नंगी।

नई दिल्ली। आज से करीब 50 साल पहले यानी 8 जून 1972 को वियतनाम में एक लड़की सड़क पर बेतहाशा दौड़ते हुए भागी जा रही थी। सड़क पर और भी लोग दौड़ रहे थे। इसमें बहुत से बच्चे भी थे। मगर इस लड़की पर सबकी निगाह ठहर गई। इसकी वजह भी थी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दरअसल, बाकी जो लोग भी बेतहाशा बदहवास दौड़े-दौड़े भागे-भागे जा रहे थे, वे सभी कपड़ों में थे। बस यही एक लड़की न्यूड थी यानी बिल्कुल नंगी। इसके तन पर एक कपड़ा भी नहीं था। डर और खौफ इसके चेहरे से साफ झलक रहा था। तब करीब ठीक उसी जगह एक फोटोग्राफर मौजूद थे। नाम था उनका निक उत। 

भीड़ की वजह से डॉक्टरों ने बच्ची को अस्पताल में एडमिट करने से मना कर दिया 
तब अमरीका और वियतनाम के बीच युद्ध चल रहा था। अमरीका ने बमबारी की थी, जिसके बाद कई बच्चों समेत लोग सड़क पर भागने लगे। निक उत ने देखा कि लड़की की स्थिति अच्छी नहीं है और उसे इलाज की जरूरत है, तब फोटो खींचने के बाद वे उसे तुरंत अस्पताल ले गए। वहां पहले से इतनी भीड़ थी कि डॉक्टरों ने बच्ची को एडमिट करने से मना कर दिया, मगर निक ने रिक्वेस्ट की और बतौर पत्रकार अपना परिचय दिया, तब डॉक्टरों ने बच्ची को एडमिट कर लिया और तब जाकर बच्ची की जान बचाई जा सकी। 

पुलित्जर अवॉर्ड से नवाजे गए थे निक, बच्ची आज बच्चों की लड़ाई लड़ रही
अमरीकी सेना ने 8 जून 1972 को वियतनाम में इस बच्ची के गांव नेपाल्म में बम गिराए। सभी अपनी-अपनी जान बचाने के लिए दौड़ रहे थे। तब निक ने यह फोटो ली थी। बाद में उन्हें इस फोटो के लिए पुलित्जर अवॉर्ड भी मिला था। इस बच्ची का नाम किम फुक फान है और आज वह सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही है तथा बच्चों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। 

हटके में खबरें और भी हैं..

15 दिन के कलेजे के टुकड़े को बेचकर एक मां ने खरीदा फ्रीज, कूलर, वाशिंग मशीन, टीवी और बाइक

सांड को पसंद नहीं आया सड़क पर खुलेआम लड़की का डांस करना, वायरल वीडियो में देखिए क्या किया उसके साथ

लेह के रेत में खड़ी यह SUV सोशल मीडिया पर आखिर क्यों हो गई वायरल?

कबाब ने ली मॉडल की जान, डॉक्टर बोले- सिर्फ 9 मिनट की देरी पड़ गई भारी