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1999 के बाद इस बार बना है श्राद्ध पक्ष में ये खास संयोग, पंचक में श्राद्ध शुरू होने से मिलेगा पांच गुना ज्यादा फल

ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से इस साल पितृ पक्ष बहुत शुभ रहने वाला है।

After 1999 this time, this special coincidence has been made in the Shraddha Paksha, five times more results will be given by the start of Shraddha in Panchak.
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Ujjain, First Published Sep 16, 2019, 7:19 PM IST
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उज्जैन. स बार 13 सितंबर से पितृ यानी श्राद्ध पक्ष शुरू हो गया है। ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से इस साल पितृ पक्ष बहुत शुभ रहने वाला है। उज्जैन के पं. अमर डिब्बावाला के अनुसार इस बार पितृ पक्ष का समापन 28 सितंबर, शनिवार को हो रहा है। ये संयोग 20 साल बाद बना है, जब शनिवार को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या आ रही है। इसके पहले 1999 में यह संयोग बना था, जब सर्वपितृ अमावस्या शनिवार को आई थी।
पंचक में शुरू हुआ है श्राद्ध पक्ष, मिलेगा पांच गुना शुभ फल 
- इस बार श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ पंचक के शतभिषा (शततारका) नक्षत्र में हुआ है। शुक्ल पक्षीय पंचक शुभ माना जाता है। विशेषकर पूर्णिमा हो तो और भी शुभ होता है, ऐसा योग इस बार बना है।
- नक्षत्र मेखला की गणना से देखें तो शततारका नक्षत्र के तारों की संख्या 100 होती है। इसकी आकृति वृत्त के समान है। शुक्ल पक्षीय पूर्णिमा के चंद्रमा तथा कुंभ राशि पर गोचर अवस्था दुर्लभ मानी जाती है।
- यह नक्षत्र 100 प्रकार के तापों (कष्ट, बाधा, समस्या) से मुक्ति देता है। खासकर धार्मिक व आध्यात्मिक कर्म हो। यानी इस नक्षत्र में किए जाने वाले कार्य धर्म और अध्यात्म से संबंधित होना चाहिए।
- श्राद्धपक्ष में पितरों के निमित्त तर्प, पिंडदान, तीर्थ श्राद्ध आदि विधान होते हैं, इसलिए इस नक्षत्र का शुभ फल मिलने की संभावना है।

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