अपशकुन और अशुभ स्वप्न जैसी चीजों के परिणाम कई बार बहुत ही घातक हो सकते हैं। कई बार तो इन चीजों के बुरे परिणामों के बारे में सोचकर ही हम डर जाते हैं। हमारे प्राचीन शास्त्रों में विद्वानों ने इनसे बचने के लिए अनेक सरल उपाय बताए हैं, जिनमें दान, भजन-पूजन, जप-तप, यंत्र-मंत्र-तंत्र आदि प्रमुख हैं।

उज्जैन. अपशकुन और अशुभ स्वप्न जैसी चीजों के परिणाम कई बार बहुत ही घातक हो सकते हैं। कई बार तो इन चीजों के बुरे परिणामों के बारे में सोचकर ही हम डर जाते हैं। हमारे प्राचीन शास्त्रों में विद्वानों ने इनसे बचने के लिए अनेक सरल उपाय बताए हैं, जिनमें दान, भजन-पूजन, जप-तप, यंत्र-मंत्र-तंत्र आदि प्रमुख हैं। इन सभी उपायों में दान को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। यदि आपने भी कोई अशुभ सपना देखा है, या फिर आपके साथ कुछ अपशकुन हुआ है और आप उसके बुरे परिणाम से बचना चाहते हैं। तो तिथि अनुसार, दान करने से अपशकुन का प्रभाव टल सकता है।

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1. प्रतिपदा तिथि पर कोई अपशकुन हो जाएं तो लगातार 10 दिनों तक शुद्ध घी का दान करें।
2. द्वितीया तिथि पर कोई अपशकुन हो तो लगातार 5 दिन तक भोजन का दान करें।
3. तृतीया तिथि पर अपशकुन हो तो 7 दिनों तक कुंकुम का दान करें।
4. चतुर्थी तिथि पर कोई अपशकुन हो तो किसी शुभ मुहूर्त में सूखे धनिए का दान करें।
5. पंचमी तिथि पर अपशकुन होने पर 21 दिन तक कच्चे दूध का दान करें।
6. षष्ठी तिथि पर अपशकुन होने पर 12 दिनों तक यज्ञोपवित (जनेऊ) का दान करें।
7. सप्तमी तिथि पर अपशकुन होने पर 8 दिन तक गेहूं का दान करें।
8. अष्टमी तिथि पर अपशकुन होने पर 13 दिन गुड़ का दान करें।
9. नवमी तिथि पर अपशकुन होने पर 25 दिन तक साबूत हल्दी का दान करें।
10. दशमी तिथि पर अपशकुन होने पर 10 दिनों तक चावल का दान करें।
11. एकादशी तिथि पर अपशकुन होने हो तो 7 दिन तक पीले फलों का दान करें।
12. द्वादशी तिथि पर अपशकुन होने हो तो 7 दिनों तक केले का दान करें।
13. त्रयोदशी तिथि पर अपशकुन होने पर 10 दिनों तक गेहूं का दान करें।
14. चतुर्दशी तिथि पर अपशकुन होने से 11 दिन तक दूध का दान करें।
15. अमावस्या तिथि अपशकुन होने से 5 दिन तक गरीबों को भोजन करवाएं।
16. पूर्णिमा तिथि पर अपशकुन होने से कुंवारी कन्या को उसकी पसंद की चीज का दान करें।