हिंधू धर्म में तुलसी को पूजनीय पौधा माना गया है। भगवान की पूजा में भी तुलसी के पत्तों का उपयोग किया जाता है।
उज्जैन. ऐसी मान्यता है कि जिस घर में रोज तुलसी की पूजा होती है वहां सुख-समृद्धि और आरोग्यता बनी रहती है। तुलसी की पूजा करते समय तुलसी नामाष्टक मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इस विधि से करें तुलसी की पूजा और मंत्र जाप-
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तुलसी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाएं। इसके बाद पूजा करें व अंत में परिक्रमा करें।
- कम से कम 5 परिक्रमा अवश्य करें। परिक्रमा करते समय नीचे लिखे मंत्र का जाप करते रहें।
- इस प्रकार रोज तुलसी की पूजा और मंत्र जाप करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
तुलसी मंत्र
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
