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इस दिन किया जाता है मृत विवाहित महिलाओं का श्राद्ध, साथ में ये उपाय भी करें

आश्विन माह के कृष्ण पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की नवमी तिथि पर पितरों की प्रसन्नता के लिए नवमी का श्राद्ध किया जाता है।

Know when shradh of demised married women should be done
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Ujjain, First Published Sep 14, 2019, 1:39 PM IST
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उज्जैन. ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, यह तिथि माता और परिवार की विवाहित महिलाओं के श्राद्ध के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। इसलिए इसे मातृ नवमी भी कहते हैं।
इस बार ये तिथि 23 सितंबर, सोमवार को है। नवमी तिथि पर श्राद्ध करने से धन, संपत्ति, ऐश्वर्य व मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। इस दिन विधि-विधान से श्राद्ध करने के बाद कुछ खास उपाय
किए जाएं तो परिवार की जितनी भी महिलाओं की मृत्यु सुहागिन अवस्था में हुई है, उनका आशीर्वाद मिलता है। नवमी तिथि पर इस विधि से करें श्राद्ध और उपाय…

1. श्राद्ध की नवमी तिथि पर घर के बाहर रांगोली बनाएं और शुद्धतापूर्वक भोजन बनाएं।
2. खाने में खीर जरूर बनाएं क्योंकि ऐसे भोजन की पितृ इच्छा रखते हैं।
3. गाय के कंडे को सुलगा कर उस पर घी और गुड़ मिलाकर धूप दें। इसके बाद श्राद्ध के लिए भोजन का कुछ अंश भी कंडे पर डालें। धूप देते समय ऊं पितृदेवताभ्यो नम: बोलते रहें।
4. इसके बाद हथेली में पानी लेकर अंगूठे के माध्यम से जमीन पर छोड़ें। ऐसा तीन बार करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं।
5. किसी विवाहित ब्राह्मण महिला को भोजन के लिए बुलाएं। भोजन के बाद उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट करें जैसे- साड़ी, लाल चूड़ियां, कुंकुम आदि।
6. ब्राह्मण महिला के पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें ससम्मान घर के दरवाजे तक छोड़ कर आएं।
7. नवमी तिथि पर इस विधि से श्राद्ध किया जाए तो पितरों की कृपा से जीवन का हर सुख मिल सकता है।

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