इस बार 28 सितंबर, शनिवार को अमावस्या होने से शनिश्चरी अमावस्या का योग बन रहा है।

उज्जैन. इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना अच्छा रहता है। जिन लोगों की राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का प्रभाव है, वे भी अगर शनिश्चरी अमावस्या पर शनि मंत्रों का जाप करें तो उनकी परेशानियां दूर हो सकती हैं। ये मंत्र और इनके जाप करने की विधि इस प्रकार है-

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1. लघु मंत्र
ऊं ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।

2. बीज मंत्र
ऊं शं शनैश्चराय नम:।

3. मंत्र
ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:

इस विधि से करें मंत्र जाप
1. शनिवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं।
2. सामने शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और नीले फूल चढ़ाएं।
3. तिल और उड़द की खिचड़ी का भोग लगएं।
4. इसके बाद रूद्राक्ष की माला से इनमें से किसी एक मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें।
5. इसके बाद शनिदेव से शुभ फल प्रदान करने के लिए प्रार्थना करें।