उज्जैन. ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10.14 बजे से शुरू हो जाएगा। सूतक 21 जून की दोपहर 1.38 तक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी जानकारी इस प्रकार है-
1. जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां रहने वाले लोगों को ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजें में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए। तुलसी की वजह से इन चीजों पर ग्रहण का असर नहीं होता है।
2. ग्रहण से पहले पका हुआ भोजन ग्रहण के बाद नहीं खाना चाहिए।
3. ग्रहण काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। इसीलिए इस समय में मंदिर बंद कर दिए जाते हैं।
4. गर्भवती स्त्री को ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता है तो गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है।
5. ग्रहण काल में पति-पत्नी को दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए। ग्रहण के समय बने संबंध से उत्पन्न होने वाली संतान को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
6. ग्रहण के समय मंत्रों का मानसिक जाप करना चाहिए। मानसिक जाप यानी धीरे-धीरे अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
7. ग्रहण के बाद पूरे घर की सफाई करनी चाहिए। गाय को हरी घास खिलाएं। दान-पुण्य करें। अगर संभव हो सके तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।