उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 91 फीसदी करोड़पति विधायकों का चुनाव जनता की ओर से किया गया है। गौर करने वाली बात है कि कानून व्यवस्था यूपी चुनाव में अहम मुद्दा रहा लेकिन बावजूद इसके जनता ने 51 फीसदी दागियों का चयन कर विधानसभा भेजा है। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सभी दल मंथन में लगे हुए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद जीते हुए उम्मीदवारों को लेकर एक विश्लेषण एडीआर की ओर से तैयार किया गया है। जिसके बाद विधानसभा में यूपी के हर वर्ग की आवाज उठाने वाले उम्मीदवारों की आपराधिक छवि, संपत्ति समेत कई अहम जानकारियों को साझा किया गया है। यूपी चुनाव में जीत दर्ज करने वालों में 51 फीसदी से ज्यादा दागी विधानसभा पहुंच चुके हैं। यही नहीं जनता ने 91 फीसदी करोड़पति उम्मीदवारों को चुनकर विधानसभा भेजा है। 

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91 फीसदी करोड़पति करेंगे गरीबों की बात 
यूपी के 403 विधायक में से 91 फीसदी यानी की 366 विधायक करोड़पति हैं। इनके पास 1 करोड़ या उससे भी अधिक की संपत्ति है। विधायकों की औसतन संपत्ति की बात हो तो वह 8.06 करोड़ रुपए है। वहीं अगर सबसे अमीर विधायकों की बात हो तो उसमें अमित अग्रवाल(बीजेपी), मोहम्मद नासिर(सपा), और राकेश पांडेय(सपा) का नाम शामिल है। अमित अग्रवाल के पास 148 करोड़ रुपए, मोहम्मद नासिर के पास 60 करोड़ और राकेश पांडेय के पास 59 करोड़ की संपत्ति है। 

2022 में चुने गए हैं 51 फीसदी दागी विधायक 
एडीआर की रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो 403 विधायकों में से 205 यानी की 51 फीसदी विधायक जनता की ओर से ऐसे चुने गए हैं जिन्होंने खुद पर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इसमें 158 ने यानी की 39 फीसदी ने खुद पर गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है। गौर करने वाली बात है कि जिन विधायकों का चुनाव जनता की ओर से किया गया है उसमें से 5 ने खुद पर हत्या से संबंधित और 29 ने खुद पर हत्या के प्रयास से संबंधित मामलों की बात को स्वीकार किया है। यूपी चुनाव में महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र हर वर्ग द्वारा तकरीबन सभी सभाओं में किए जाने के बावजूद 6 प्रत्याशी ऐसे भी जीत दर्ज कर पहुंचे हैं जिन पर महिलाओं पर अत्याचार का मामला दर्ज है। 

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