यूपी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने के मूड में है। कानपुर में चर्चाएं हैं कि प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वहीं चर्चाओं के बीच मुस्लिम महिलाएं डोर-टू-डोर कैंपेन कर अपनी पैठ बनाने में लगी हुई हैं। 

सुमित शर्मा
कानपुर: यूपी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं। असदुद्दीन ओवैसी अपने तीखे बयानों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। कानपुर में इन दिनों चर्चा चल रही है कि एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। कैंट सीट में 01 लाख 25 हजार मुस्लिम वोटर हैं। एआईएमआईएम की नजर इन्ही मुस्लिम वोटरों पर है। वहीं महिला विंग ने डोर टू डोर कैंपेन की कमान संभाल ली है।

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एआईएमआईएम चीफ कानपुर और कानपुर-बुंदेलखंड में कुछ बड़ा करने मूड दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एआईएमआईएम सिर्फ मुस्लिम इलाकों तक सीमित रहने वाली नहीं है। असदुद्दीन कानपुर-बुंदेलखंड में गैर मुस्लिम और महिला प्रत्याशी भी उतार सकते हैं। एआईएमआईएम की महिला विंग सबसे मजबूत है। मुस्लिम समाज की महिला वोटरों के बीच महिला विंग डोर टू डोर कैंपेन कर अपनी पैठ बना रही हैं। पार्टी की नीतियों और विचारों से जोड़ने के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम रहीं हैं। 

शौकत अली के कानपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें
कानपुर में चर्चा चल रही है कि एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इन अटकलों के बीच कैंट से दावेदारी करने वालों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शौकत अली के चुनाव लड़ने की खबरों से कांग्रेस और सपा, बसपा सबसे ज्यादा परेशान है। कांग्रेस और सपा इस बात को जानते हैं कि यदि शौकत अली चुनाव लड़ते हैं, तो इसका सीधे फायदा बीजेपी को होगा। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हो जाएगा।
कानपुर की कैंट विधानसभा सीट से कांग्रेस सोहेल अंसारी विधायक हैं। सोहेल अंसारी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के रघुनंदन भदौरियों को बड़े मार्जन से हराया था। कांग्रेस ने सोहेल अंसारी पर फिर से भरोसा जताया है।

कानपुर-बुंदेलखंड की दो दर्जन सीटों पर नजर
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी कानपुर-बुंदेलखंड की 52 में से लगभग डेढ़ दर्जन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की बात सामने आ रही है। जिसमें से कुछ सीटों पर गैर मुस्लिम कैंडिडेट भी उतारे जाएंगे। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी पर मुस्लिम पार्टी का तमगा लगा है। ओवैसी इस तमगे को हटाना चाहते हैं। फिलहाल एआईएमआईएम का कानपुर में एक पार्षद ने भी जीत दर्ज की थी।

कैंट विधानसभा सीट पर जातिगत आकड़ा
कैंट विधानसभा सीट मुस्लिम बाहुल क्षेत्र है। कैंट में मुस्लिम वोटरों की संख्या 125200 है। अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या 87,100 है। जाटव 38,000, वाल्मीकी 17,500, दिवाकर 7500, कोरी 7200, पासी 5200, कठेरिया 5200। पिछड़ा जाति के लगभग 46,100 वोटर हैं। जिसमें से निषाद 8900, पाल 7800, यादव 7500, बढ़ई 4800, कुशवाहा 4500, लोधी 3800, लोनिया 3700, कुर्मी 2200, प्रजापति 2900 हैं। सर्वण वोटरों की संख्या 64,600 के लगभग है। जिसमें ब्राह्मण 45,500, क्षत्रीय 9000, वैश्य 8900, कायस्थ 1200 है। सिंधी पंजाबी वोटरों की संख्या 7200 है।