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अयोध्या में मस्जिद के बदले जमीन मंजूर नहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड का कदम मुस्लिमों का फैसला नहीं : AIMPLB

योगी कैबिनेट ने अयोध्या में मस्जिद के लिए जमीन देने का ऐलान कर दिया। रौनाही गांव में मस्जिद के लिए जमीन चुनी गई है। बता दें, यह जगह रामलला विराजमान से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने अयोध्या में मस्जिद के बदले कोई और जमीन लेने से इनकार कर दिया है।

aimplb said yogi cabinet decision on ayodhya land not accepted KPU
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Lucknow, First Published Feb 5, 2020, 3:07 PM IST
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लखनऊ (Uttar Pradesh). योगी कैबिनेट ने अयोध्या में मस्जिद के लिए जमीन देने का ऐलान कर दिया। रौनाही गांव में मस्जिद के लिए जमीन चुनी गई है। बता दें, यह जगह रामलला विराजमान से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने अयोध्या में मस्जिद के बदले कोई और जमीन लेने से इनकार कर दिया है। बोर्ड के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मौलाना यासीन उस्मानी ने कहा, करीब सभी मुसलमानों का फैसला है कि हम अयोध्या में मस्जिद के बदले कोई और जमीन नहीं लेंगे। सुन्नी वक्फ बोर्ड मुसलमानों का नुमाइंदा नहीं है। वह सरकार की संस्था है। बोर्ड अगर जमीन लेता है तो इसे मुसलमानों का फैसला नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि, सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।

शिया बोर्ड ने कहा, जो भी फैसला लें, अमन कायम रहना चाहिए
इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, हाईकोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को वह जमीन देने का आदेश दिया है। जमीन लेने या न लेने के बारे में उसे ही फैसला लेना है। वक्फ बोर्ड जो भी फैसला ले, बस ये ध्यान रखे कि उससे अमन कायम रहे। अब मजहब के नाम पर फसाद नहीं होना चाहिए। सियासी लोग फसाद कराते हैं। हालांकि, बाबरी मस्जिद के मामले पर शिया बोर्ड अब भी एआईएमपीएलबी के साथ है। 

पीएम ने संसद में की ट्रस्ट की घोषणा
बता दें, बुधवार को संसद में पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की घोषणा की है। उसके कुछ घंटे बाद ही योगी कैबिनेट ने मस्जिद के लिए जमीन की घोषणा कर दी। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में फैसला सुनाते हुए 90 दिन में मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने और मस्जिद के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

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