देश में दो डिप्टी सीएम और एक सीएम होने के बाद भी स्मार्ट सिटी का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हम पहले ही अपनी पार्टी के लोगों को पीछे करके दूसरे दलों से लोगों को ले चुके हैं। अब चुनाव का समय पीक पर है। ऐसे में अब किसी अन्य दल के नेता की ज्वाइनिंग नहीं होगी। 

लखनऊ: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav) के लिए प्रत्याशियों का ऐलान होना शुरू हो गया है। राजनीतिक उठापठक के बीच चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। नेताओं के दल बदलने का सिलसिला भी जारी है। इन सबके साथ राजनीतिक नेताओं की बयानबाजी और गुटबाजी भी अब सामने आने लगी है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव आयोग की कार्रवाई पर अपनी बात रखी साथ ही सभी सपा (SP) कार्यकर्ताओं से चुनाव आयोग की गाइडलाइंस और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया।

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दो डिप्टी सीएम भी स्मार्ट सिटी का लक्ष्य पूरा नहीं कर सके

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव आयोग की कार्रवाई पर अपनी बात रखी। इस बीच उन्होंने कहा कि अब सपा में भाजपा ही क्या किसी और दल से भी कोई नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ में किसी भी कार्यकर्ता या नेता को टिकट की घोषणा का इंतजार करने के लिए रुकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो डिप्टी सीएम और एक सीएम होने के बाद भी स्मार्ट सिटी का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हम पहले ही अपनी पार्टी के लोगों को पीछे करके दूसरे दलों से लोगों को ले चुके हैं। अब चुनाव का समय पीक पर है। ऐसे में अब किसी अन्य दल के नेता की ज्वाइनिंग नहीं होगी। बीजेपी पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री योगी को टिकट देकर घर भेज दिया है क्योंकि वो भाजपा के सदस्य नहीं हैं। साथ ही कहा कि समाजवादी गठबंधन के साथ 80 प्रतिशत जनता है।

बीजेपी को रोकने के लिए करना चाहते थे गठबंधन- चंद्रशेखर
प्रेसवार्ता के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मैंने कल अखिलेश जी से कहा कि आप बड़े भाई हैं, आप तय कर लें कि आप हमको गठबंधन में रखना चाहते हैं या नहीं। लेकिन उन्होने हमको नहीं बुलाया। इसका मतलब अखिलेश जी हम को गठबंधन में नहीं रखना चाहते। उन्होंने कहा कि हम सपा के साथ गठबंधन में नहीं जा रहे है। भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए गठबंधन चाहता था इसीलिए दो दिन से लखनऊ में था। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह अब अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे।