सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा की आईटी सेल से सतर्क रहने की जरूरत है। इसी के साथ उन्होंने किसी भी सुझाव के लिए सीधे तौर पर संपर्क के लिए कहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम संबंधी कोई भी सुझाव सीधे उनके ईमेल पर वह भेजा जाए।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में 111 सीट जीतकर दूसरे नंबर पर रहने वाली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं से सीधे तौर पर जुड़ने जा रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से सुझाव अपनी पर्सनल मेल आईडी पर मांगे हैं। 

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा की आईटी सेल से सतर्क रहने की जरूरत है। इसी के साथ उन्होंने किसी भी सुझाव के लिए सीधे तौर पर संपर्क के लिए कहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम संबंधी कोई भी सुझाव सीधे उनके ईमेल (yadavakhilesh@gmail.com) पर वह भेजा जाए। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अपनी भाषा को संयमित रखें और किसी भी तरह की अफवाह में न फंसे। 
गौरतलब है कि 21 मार्च को सपा ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों की पहली बैठक बुलाई है। इस दौरान अखिलेश यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हार की समीक्षा के साथ ही आगे की रणनीति पर भी विचार विर्मश होगा। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष का नाम भी तय किया जाएगा। वहीं इस दौरान अखिलेश यादव के करहल सीट छोड़ने को लेकर भी विचार हो सकता है। यही नहीं किसे वहां से उपचुनाव लड़ाया जाए इस पर भी मंथन संभव है। 

हार के बाद केशव देव का बयान आया था सामने 
यूपी चुनाव में मिली हार के बाद सपा गठबंधन की गांठे भी खुलती हुई दिख रही हैं। इसी कड़ी में महानदल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने साफ कह दिया है कि यदि गठबंधन में उन्हें अहमियत नहीं मिली तो किसी और दल के साथ जाने पर भी विचार करेंगे। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया है और कहा है कि उन्हें भाजपा ने ही साजिश के तहत सपा में भेजा है। केशव देव मौर्य ने इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर की है कि चुनाव में उनका इस्तेमाल नहीं किया गया और गठबंधन के दूसरे दलों की तुलना में बहुत कम सीटें दी गईं। 

सपा को मिली हार के बाद गठबंधन की खुलने लगी गांठें, केशव देव मौर्य के बदले सुर