कोरोना से चल रही जंग में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की सराहनीय पहल सामने आई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अपने समस्त स्टाफ का एक दिन का वेतन सरकार को देगा। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने इसका औपचारिक ऐलान किया। ये धन प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना राहत फंड के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड में दी जाएगी।

अलीगढ़(Uttar Pradesh ). कोरोनावायरस से जंग में पूरा देश एक जुट हो गया है। तमाम सरकारी गैर सरकारी लोग, स्वयंसेवी संस्था, जनप्रतिनिधि व आम लोग भी इस मुहीम का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि इस समय देश में सिर्फ बस एक कोरोना को भगाना है। ऐसे में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) भी इस लड़ाई का भागीदार बना है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ये फैसला लिया है कि वह अपने एक दिन की सेलेरी कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए सरकार को देंगे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ने पीएम केयर्स फंड में अपनी एक दिन की सैलरी दान करने का फैसला किया है। 

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कोरोना से चल रही जंग में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की सराहनीय पहल सामने आई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अपने समस्त स्टाफ का एक दिन का वेतन सरकार को देगा। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने इसका औपचारिक ऐलान किया। ये धन प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना राहत फंड के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड में दी जाएगी। 

राष्ट्र के साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य-वीसी 
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने मीडिया को बताया कि संकट के इस समय वह राष्ट्र के साथ खड़े हैं। इस मुश्किल समय में देशवासियों और राष्ट्र के साथ खड़े होना हमारा कर्तव्य है। कोरोनावायारस महामारी के बारे में बात करते हुए प्रतिनिधियों ने कहा, "हमें उम्मीद है कि राष्ट्र जल्द ही इस संकट की घड़ी से बाहर निकलेगा और जल्द ही प्रगति और विकास की नई सुबह होगी।"

IGNOU और CBSC ने भी की मदद 
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) के फैक्लटी मेंबर्स, स्टाफ समेत तमाम कर्मचारियों ने अपनी एक दिन की सैलरी कोरोनावायरस से जंग में सरकार को देने का फैसला किया है। IGNOU के वीसी प्रोफेसर नागेश्वर राव ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी। वहीं इस महामारी से लड़ने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सभी टीचर्स की तरफ से 21 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में डोनेट करने का फैसला किया है। ग्रुप ए के कर्मचारियों ने अपनी दो दिन की सैलरी डोनेट की है, जबकि ग्रुप बी और सी के कर्मचारियों ने अपनी एक दिन की सैलरी डोनेट की।