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नैनी सेंट्रल जेल में बंद आनंद गिरी को गुपचुप तरीके से चित्रकूट जेल किया गया शिफ्ट, जानिए क्या है पूरा मामला

आनंद गिरि के वकीलों के द्वारा यूपी के प्रमुख सचिव गृह को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद जेल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आनंद गिरी को गुपचुप तरीके से चित्रकूट जेल शिफ्ट कर दिया गया है। 

Anand Giri lodged in Naini Central Jail was secretly shifted to Chitrakoot jail
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Prayagraj, First Published Aug 20, 2022, 9:19 AM IST

प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी खुदकुशी मामले में मुख्य आरोपी आनंद गिरी जेल में हैं। उन्हें शुक्रवार को गुपचुप तरीके से नैनी सेंट्रल जेल से चित्रकूट जेल में शिफ्ट किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच में आनंद गिरी को चित्रकूट जेल भेजा गया। उन्हें देर शाम चित्रकूट की जेल में दाखिल भी करवा दिया गया। हालांकि इस पूरी कार्यवाही की जानकारी किसी को भी न हो सकी। वहीं आनंद गिरी की जेल शिफ्ट किए जाने को लेकर किसी और ने नहीं बल्कि नैनी सेंट्रल जेल के सीनियर सुपरिटेंडेंट पीएन पांडेय ने की।

चित्रकूट जेल शिफ्ट किए जाने के पीछे बताए जा रहे प्रशासनिक कारण
बताया गया कि प्रशासनिक कारणों के करते आनंद गिरी को चित्रकूट जेल शिफ्ट किया गया है। हालांकि इस कार्यवाही के पीछे का कारण तकरीबन तीन दिन पहले आनंद गिरी का डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट से हुआ विवाद बताया जा रहा है। गौरतलब है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की खुदकुशी मामले में मुख्य आरोपी आनंद गिरी की ओर से नैनी सेंट्रल जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर यह तक आरोप लगाया था कि उन्होंने जान से मारने की धमकी दी है। इसी के साथ गालीगलौज और वकीलों के सामने मारपीट की कोशिश जैसी बातें भी सामने आई थीं। 

मारपीट के साथ वकीलों से भी बदसलूकी का आरोप
आनंद गिरी औऱ जेल सुपरिटेंडेंट के बीच हुआ विवाद मंगलवार 16 अगस्त की शाम 5:15 बजे का बताया जा रहा है। यह सब उस दौरान हुआ जब आनंद गिरी के दो वकील विजय कुमार द्विवेदी और बृज बिहारी उनसे मुलाकात के लिए प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल पहुंचे हुए थे। आरोप है कि बातचीत के बीच ही सुपरिंटेंडेंट आर के सिंह वहां पहुंच गए। उन्होंने वकीलों औऱ अन्य लोगों की मौजूदगी में आनंद गिरी को जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच वह उन्हें मारने के लिए भी झपट पड़े और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बीच वकीलों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उनसे भी बदसलूकी की गई। 

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