लखनऊ के आलमबाग के उसरी गांव के पास  में 3 जून को रात में एक कार ने आदित्य नाम के युवक जो की मीट की दुकान पर बैठा था। जहां पर एक हॉन्डा सिटी कार उसको टक्कर मार दी थी। जिसके बाद वो बहुत बुरी तरह से घायल हो गया था। पीड़ित को आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर में एडमिट करवाया गया था।

लखनऊ: लखनऊ के आलमबाग के उसरी गांव के पास में 3 जून को रात में एक कार ने आदित्य नाम के युवक मीट की दुकान पर बैठा था। जहां पर एक हॉन्डा सिटी कार काफी तेज़ रफ्तार में थी और उसने टक्कर मारने के बाद युवक की हड्डी टूट गई और उसके बाद कार दिवार से जाकर टकरा गई और वो दिवार भी टूट गई। जिसके बाद घायल आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया था।

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मौके पर पहुंची पुलिस की टीम
बता दें कि घायल युवक आदित्य को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया था। जहां पर उसका इलाज हो रहा था। लेकिन घायल युवक के परिजनों का कहना है कि जब तक पुलिस के लोग अस्पलात में थे, तब तक सारी जांचे और इलाज ढंग से होता रहा, लेकिन पुलिस के बाहर आने के बाद से अस्पताल की लापरवाही देखने को मिली है। जहां पर घायल युवक का दो दिन तक कोई भी इलाज नहीं हुआ और उसको अस्पताल में इधर से उधर वॉर्ड बदलते रहे, लेकिन इलाज शुरू नहीं हो सका।

दो से तीन दिन बाद शुरू हुआ इलाज
गौरतलब है दो से तीन दिन बाद इलाज शुरू हुआ है। जहां पर उसको आईसीयू में एडमिट किया गया और उसके बाद ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद शरीर के घाव की कोई देख रेख नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे इंफेक्शन बढ़ता जा रहा था। जिसके बाद उसको आईसीयू से जनरल वॉर्ड में ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन वहां पर युवक की हालत खराब होने के बाद घायल को परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल ले कर गए जहा उसोक एडमिट करवाया है।

घायल युवक ने दुनिया को कहा अलविदा
प्राइवेट अस्पताल में ले जाने के बाद उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन ट्ऱॉमा सेंटर में ऑपरेशन ठीक से ना होने की वजह से उसके पूरे शरीर में इंफेक्शन फैल गया था। जिसके बाद से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी और कल रात में घायल युवक ने दम तोड़ था। जिसके बाद आज सुबह पुलिस ने डे़ड बॉडी का पंचनामा करावया और बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

परिजनों मे पुलिस पर लगाया संगीन आरोप
परिजनों का कहना है कि मृतक युवक के परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जो तहरीर लिखी गई है, वो अज्ञात के नाम लिखी गई है। जबकि घर वालों का कहना है कि आरोपी को उन्होंने खुद पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। हालांकि, उसके बाद भी परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी पर किसी भी तरह से कोई एक्शन नहीं लिया है। परिजनों का ये भी कहना है कि सरकार उनको मुआवज़ा दिया जाये और आरोपी को सख्त से सख्त सज़ा दी जाये।

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