बदायूं में अगवा हुए लड़के की लाश की मिलने के बाद पुलिस के खिलाफ लोगों की नाराजगी सामने आई। इस बीच दारोगा और सिपाही बुरी तरह से घायल हो गए। मामले को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हुए हैं। 

बदायूं: जनपद में 13 दिन पहले अगवा किए गए लड़के की लाश मिलने के बाद उसके परिवारवालों और ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया। नाराज लोगों ने वजीरगंज थाने के इंचार्ज के साथ जमकर मारपीट की। इस बीच थाना इंचार्ज का सिर भी फूट गया और सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच कई पुलिसवाले वहां से भाग निकले। ग्रामीणों ने जिसे भी पकड़ा उसकी जमकर पिटाई कर दी। 

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परिजनों ने पुलिस पर लगाया गुमराह करने का आरोप

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों की फोर्स और पीएसी भी मौके पर पहुंची। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी देहात भी वहां पर पहुंचे। मारे गए लड़के के परिवार को लोगों ने आरोप लगाया कि अपहरण के बाद भी जब पुलिस को तहरीर दी गई तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस परिवारवालों को ही गुमराह करती रही और नतीजतन लड़के की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है शव के नाम पर कंकाल बरामद किया गया है। परिजनों ने कपड़े के आधार पर शव की शिनाख्त की है।

शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं लिया एक्शन

आपको बता दें कि थाना वजीरगंज क्षेत्र के गांव पेंपल निवासी जयपाल का 17 वर्षीय पुत्र सुखवीर 25 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। सुखवीर के भाई ने 27 जुलाई को सुखवीर की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी और 29 तारीख को गुमशुदगी अपहरण में बदल दी गई। सुखवीर के भाई सुनील ने पड़ोसी गांव बरखेड़ा निवासी एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करवाया था। सुनील ने बताया कि सुखवीर का पड़ोसी गांव बरखेड़ा में आना जाना था। जिस दिन वह लापता हुआ उस दिन भी वह वहीं पर देखा गया था। पुलिस को दी गई तहरीर के बाद बरखेड़ा निवासी कोमिल पुत्र लटूरी, रामपाल पुत्र लटूरी, कल्लू पुत्र दोदराम, सुखदेई पत्नी कोमिला समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। 

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