काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद देश भर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। शासन ने मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब मंदिर में झांकी दर्शन की व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।

वाराणसी: कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर दी गई है। रविवार से श्रद्धालुओं को थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। बिना मास्क के मंदिर में अब किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद देश भर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। शासन ने मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब मंदिर में झांकी दर्शन की व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।

भीड़ प्रबंधन का इंतजाम करने का निर्देश
13 दिसंबर के बाद 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम में छह जनवरी को निरीक्षण के दौरान भीड़ के इंतजाम का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भीड़ प्रबंधन का इंतजाम करने का निर्देश दिया था।

झांकी दर्शन के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव तैयार
इसके बाद मंदिर प्रशासन ने लगातार उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए बाबा के स्पर्श और गर्भगृह में प्रवेश पर स्थायी रोक पर विचार कर रहा है। इसके तहत अब भक्तों को बाहर से ही झांकी दर्शन कराया जाएगा और जलाभिषेक के लिए गर्भगृह के पास विशेष पात्र लगाए जाएंगे। झांकी दर्शन के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। मंदिर प्रशासन भक्तों को दबाव को देखते हुए इस व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी में है।

अधिकारियों की मानें तो काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद सामान्य दिनों से पांच से आठ गुना ज्यादा भक्त पहुंच रहे हैं। फरवरी में पूरी तरह धाम खुलने के बाद निश्चित ही यह संख्या और बढ़ जाएगी। पहली जनवरी को पांच लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किये थे और दो जनवरी को यह आंकड़ा दो लाख था।