बांदा जनपद में बैठक के दौरान बीजेपी विधायक की नाराजगी सामने आई। उन्होंने कहा कि अधिकारी से जब खनन को लेकर शिकायत की गई तो उनका नंबर ही ब्लैक लिस्ट में लगा दिया गया। 

बांदा: बीजेपी विधायक ने जनपद में आयोजित एक बैठक के दौरान अधिकारियों की जमकर पोल खोली। शासन के निर्देश पर यहां हर माह जिले के पदाधिकारी और विधायक बैठक करते हैं। इस दौरान जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों समेत डीएम और एडीएम भी वहां पर मौजूद थे। इसकी अध्यक्षता डीएम के द्वारा ही की गई। 

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डीएम ने दी दोबारा ऐसी गलती न करने की चेतावनी 
बैठक में नरैनी विधानसभा से बीजेपी की महिला विधायक ओममणि वर्मा ने अधिकारियों की पोल खोला। उन्होंने डीएम से शिकायत करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में निजी भूमि की आड़ में अवैध खनन हो रहा है। इस बीच जब उनके द्वारा खनिज अधिकारी दिनेश कुमार को फोन किया जाता है तो वह मेरा (विधायक ओममणि वर्मा) नंबर ही ब्लैक लिस्ट में डाल देते हैं। इस शिकायत को सुनने के साथ ही डीएम अनुराग पटेल ने खनिज अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। फटकार लगाने के साथ ही उन्हें भविष्य में दोबारा ऐसा न करने को लेकर चेतावनी भी दी गई। विधायक ने कहा कि तहसील में दाखिल खारिज के नाम पर अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है। यहां तक प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भी अवैध वसूली की जा रही है। 

जिलाध्यक्ष ने कहा- खराब हो रही सरकार की छवि
बीजेपी विधायक ओममणि वर्मा ने सलाह दी कि पंचायत भवन में रोस्टर के अनुसार बैठने वाले अधिकारियों के नाम और नंबर लिखवा दिए जाएं। वहां मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने मामले में नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह से सरकार की छवि खराब हो रही है लिहाजा इसमें सुधार की सख्त आवश्यकता है। बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों की जमकर क्लास लेने के साथ ही तमाम कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि किसी भी काम में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों को सहयोग करना होगा। 

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