यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर वर्तमान सरकार पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि  '13 महीने आंदोलन चलाकर भी हमें यह बताना पड़े कि वोट किसको दें, तो इसका मतलब ट्रेनिंग पक्की नहीं हुई है।'

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Vidhansabha Election 2022) का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, नेताओं की बयानबाजी तेज होती जा रही है। सभी पार्टियां एक दूसरे पर कटाक्ष कर रही है। इसी क्रम में बाराबंकी (Barabanki) में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने वर्तमान सरकार पर जोरदार हमला किया है। राकेश टिकैत ने कहा है कि '13 महीने आंदोलन चलाकर भी हमें यह बताना पड़े कि वोट किसको दें, तो इसका मतलब ट्रेनिंग पक्की नहीं हुई है।' वहीं, प्रदेश में जिन्ना वाले बयानों को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यो सब ढाई महीने के सरकारी मेहमान है। नेता ढाई महीने तक प्रवचन करेंगे, जनता उन पर ना जाए। बल्कि जनता पूछे कि मेरे गांव की सड़क बनी की नहीं, मेरे गांव में आवारा पशु तो नहीं, मेरे गांव के स्कूल सही से चल रहे की नहीं। ये सभी मुद्दे होने चाहिए।

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दरअसल, टिकैत अपने कुछ पदाधिकारियों के साथ बाराबंकी जिले में अपने कार्यकर्ता के यहां एक शादी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर जब उनसे अखिलेश के दिए गए बयान किसान का बेटा हूं, उनके लिए लड़ता रहूंगा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से अब सभी पार्टियां किसान का नाम लेना शुरू कर चुकी हैं। यह बड़ी बात है। देश का प्रधानमंत्री हो या प्रदेश का मुख्यमंत्री हो, गृहमंत्री हों, पक्ष हो या विपक्ष। सभी किसान की बात कर रहे हैं यह अच्छी बात है। यूपी 2022 के आगामी चुनाव को लेकर पार्टी के नेता और उम्मीदवार पूरी ऊर्जा के साथ मैदान में उतरे है।

राकेश टिकैत से आने वाले समय में किसकी सरकार बनेगी पर प्रशन किया गया तो उन्होंने कहा कि आधे रेट में फसल आधे रेट में फसल बेचकर किसान जिसको चाहे उसको वोट दे ले। हमें इसकी जानकारी नहीं। किसानों के मुद्दे को लेकर केन्द्र सरकार की जो कमेटी बननी थी, वो अभी तक नहीं बनी है। इसलिए 31 जनवरी को हम लोग वादाखिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे।