राजधानी लखनऊ में कोर्ट परिसर में हुए अधिवक्ता पर बम से हमले के मामले में पुलिस जांच में जुटी है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की और पुलिस की 4 टीमों को मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया है। इसके आलावा पूरे मामले को पुराणी रंजिश से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। पुलिस की एक टीम इस पर भी जांच कर रही है। एशियानेट न्यूज हिंदी ने घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं से बात की।  

लखनऊ(Uttar Pradesh ). राजधानी लखनऊ में कोर्ट परिसर में हुए अधिवक्ता पर बम से हमले के मामले में पुलिस जांच में जुटी है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की और पुलिस की 4 टीमों को मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया है। इसके आलावा पूरे मामले को पुराणी रंजिश से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। पुलिस की एक टीम इस पर भी जांच कर रही है। एशियानेट न्यूज हिंदी ने घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं से बात की। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बता दें कि लखनऊ जिला न्यायालय में गुरूवार दोपहर अचानक वकील संजीव लोधी पर बम से हमला होने से हड़कंप मच गया। हमलावरों ने एक के बाद एक कई देशी बम वकील पर फेंके। जिसमे से तीन बम ही फटे। वकील संजीव के अलावा चार अन्य वकील भी इस हमले में घायल हो गए। जिन्हे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। 

दो गेट से एक साथ घुसे थे आधा दर्जन हमलावर 
घटना के वक्त कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता राजेश सिंह ने बताया कि सुबह कोर्ट खुलने के बाद सभी अधिवक्ता अपने चैंबर में काम कर रहे थे। दोपहर में अचानक गेट नंबर तीन व चार से तकरीबन आधा दर्जन लोग अंदर घुसे। उसमे से दो लोग वकील के ड्रेस में भी थे। उन्होंने पहुंचते ही अधिवक्ता संजीव लोधी पर बम से हमला शुरू कर दिया। वह जान बचाने के लिए भागे। कोर्ट में काफी भीड़ थी जिससे चार-पांच अन्य वकील भी घायल हो गए। 

संजीव को भागने का मौका नहीं देना चाहते थे हमलावर 
घटना के वक्त कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता दिलदार अहमद के मुताबिक हमलावर इसलिए दो गेट से अंदर घुसे थे ताकि अधिवक्ता संजीव भाग न सकें। दो गेट से घुसने के बाद वह लगातार बमबाजी करने लगे। इसी भगदड़ में और लोग भी घायल हो गए। इस हमले से कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। 

दो लोगों के हांथ में थी पिस्टल 
अधिवक्ता संजीव के जूनियर श्याम सुंदर के मुताबिक हमलावरों में दो लोगों ने पिस्टल भी हांथ में ले रखी थी। जब मै सीनियर संजीव को बचाने दौड़ा तो हमलावरों में से चार लोगों ने मुझे पकड़ लिया। उनके हांथ में पिस्टल भी थी। हमलावरों में दो वकील भी शामिल थे। उनसे कल शाम संजीव लोधी का विवाद भी हुआ था।