UP Daroga Bharti Paper Controversy: यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में हिंदी के पेपर में पूछे गए एक सवाल ने सियासी भूचाल ला दिया है। सवाल में 'अवसरवादी' के विकल्प के तौर पर 'पंडित' शब्द का इस्तेमाल करने पर बीजेपी नेताओं ने सीएम योगी से शिकायत की है। उनका कहना है कि यह एक समुदाय का अपमान है।
UP SI Exam Controversial Question: उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती की परीक्षा शनिवार को चर्चा का विषय बन गई, लेकिन अपनी साख या सिस्टम की वजह से नहीं, बल्कि एक ऐसे 'विवादास्पद सवाल' की वजह से जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा बढ़ा दिया है। हिंदी के पेपर में पूछे गए एक सवाल ने न सिर्फ अभ्यर्थियों को चौंकाया, बल्कि अब बीजेपी के अंदर भी अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। आइए जानते हैं आखिर उस सवाल में ऐसा क्या था और इसे लेकर किसने क्या कहा...
क्या है 'पंडित' वाला विवादित सवाल?
शनिवार को सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र में सवाल नंबर 31 को देखकर लोग दंग रह गए। सवाल पूछा गया, 'अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को आप क्या कहेंगे?' इसके जवाब के लिए चार विकल्प (Option) दिए गए थे, सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ सही जवाब 'अवसरवादी' मौजूद था, तो दूसरी तरफ विकल्प में 'पंडित' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया? बीजेपी प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि यह एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश है।

दिल्ली तक पहुंची गूंज, अपनों ने ही घेरा
यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसकी खबर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गई है। लखनऊ स्थित यूपी बीजेपी दफ्तर में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की। नेताओं का कहना है कि अधिकारियों की ऐसी बचकानी और विवादित गलतियों की वजह से जनता के बीच पार्टी की छवि खराब हो रही है।
परीक्षा केंद्र पर भी मचा बवाल
यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में सिर्फ सवाल ही नहीं, परीक्षा केंद्रों पर की गई सख्ती ने भी विवाद खड़ा कर दिया है। नकल रोकने के नाम पर अभ्यर्थियों के साथ जो हुआ, उसकी खूब चर्चा हुई। वाराणसी में अभ्यर्थियों के जूते, मोजे और बेल्ट तक उतरवा लिए गए। हद तो तब हो गई जब अभ्यर्थियों के हाथ में बंधा रक्षासूत्र (कलावा) चाकू से काटकर निकाला गया। महिला कैंडिडेट्स की चूड़ियां, बिछिया और कान की बालियां तक उतरवा ली गईं। चप्पे-चप्पे पर CCTV और सख्त मॉनिटरिंग थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसवालों के फोन भी जमा करा लिए गए थे।


