यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में कोर्ट ने पीड़ित छात्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

प्रयागराज (Uttar Pradesh). यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में कोर्ट ने पीड़ित छात्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। छात्रा ने शाहजहांपुर के एडीजे फर्स्ट कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट अब पीड़िता की अंतरिम जमानत पर 26 सितंबर को सुनवाई करेगी। बता दें, कोर्ट ने एसआईटी को भी साक्ष्य पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले एसआईटी ने पीड़ित छात्रा को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। मामले में जांच टीम ने गिरफ्तार दो आरोपी विक्रम और सचिन को रिमांड पर ले लिया है। इन दोनों को राजस्थान ले जाकर वहां फेंके गए मोबाइल को लेकर पूछताछ की जाएगी।

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SIT ने दिए थे छात्रा की गिरफ्तारी के संकेत
एसआईटी चीफ नवीन अरोड़ा ने बीते शुक्रवार को चिन्मयानंद और रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता के तीन दोस्तों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद कोर्ट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे भेज दिया था। एसआईटी चीफ नवीन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने बताया था कि उनके पास मिस A (पीड़ित छात्रा) के खिलाफ भी पुख्ता सुबूत हैं। वह सुबूत स्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के संबंध में हैं। इसलिए जांच चल रही है। पीड़िता की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

गिरफ्तारी की बात सुनकर छात्रा ने दिया था ये बयान
अपनी गिरफ्तारी की बात सुनने के बाद छात्रा ने मीडिया के सामने एसआईटी की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए थे। उसका कहना था कि एसआईटी उसे फंसाने कि साजिश रच रही है। उसने चिन्मयानंद से रंगदारी नहीं मांगी। वो बेकसूर है।