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सीएम योगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, भड़काऊ भाषण देने के मामले में केस चलाने से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम योगी को बड़ी राहत देते हुए उन पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने से इंकार कर दिया है। वर्ष 2007 में सीएम योगी पर भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक दंगा फैलाने का आरोप लगा था। 

CM Yogi gets big relief from Supreme Court refuses to run case for giving inflammatory speech
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First Published Aug 26, 2022, 4:56 PM IST

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सीएम योगी को राहत देते हुए भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। वर्ष 2007 में गोरखपुर दंगे के दौरान सीएम योगी पर भड़काऊ भाषण देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी इलाहाबाद हाीकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है। इससे पहले वर्ष 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने इस मामले पर फैसला सुनाया है।

सीएम योगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
सीएम योगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वाले परवेज परवाज का कहना था कि वर्तमान मुख्यमंत्री के भड़काऊ भाषण के कारण वर्ष 2007 में गोरखपुर में सांप्रदायिक दंगा हुआ था। जिसमें कई लोगों की जान भी चली गई थी। इसके बाद करीब 10 सालों तक यह मामला ठंडा पड़ा रहा। वहीं वर्ष 2017 में योगी आदित्यनात के सीएम बनते ही यह मामला एक बार फिर गरमाया। 2017 में राज्य सरकार के समक्ष इस मामले को लाने पर केस चलाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद सरकार के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए केस न चलाने का फैसला सुनाया।

राकेश त्रिपाठी बोले सच की हुई जीत
इसके बाद सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि सीएम योगी पर अब भड़काऊ भाषण देने का मुकदमा नहीं चलेगा। इससे पहले कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को भी अस्वीकार कर दिया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। राकेश त्रिपाठी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी सरकार में पीड़ितों की आवाज उठाना गुनाह था। साथ ही यह उनके मुंह पर भी करारा तमाचा है जो इस मुकदमे में उनको फंसाना चाहते थे।

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