यूपी में दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह से दोगुनी तेजी से बढ़ी कोरोना की रफ्तार के चलते प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस का ग्राफ 266 तक पहुंच गया है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी हुए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में प्रदेश के भीतर 49 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) में एक तरह नए वैरिएंट ओमिक्रोन (new varient omicron) का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, कोरोना संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। यूपी में दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह से दोगुनी तेजी से बढ़ी कोरोना की रफ्तार के चलते प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस (Covid active case) का ग्राफ 266 तक पहुंच गया है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी हुए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में प्रदेश के भीतर 49 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1.91 लाख सैम्पल्स की हुई जांच, 49 मरीज आए सामने
शुक्रवार को टीम 9 के साथ हुई बैठक के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को कोरोना के बढ़ते केस को लेकर आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार की ओर से जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में राज्य के भीतर 1.91 लाख सैम्पल्स की जांच की गई, जिनमें से 49 नए मरीजों की संख्या दर्ज की गई है। 

12 मरीज हुए डिस्चार्ज, 266 तक पहुंची एक्टिव केस की संख्या
यूपी में स्वास्थ्य विभाग विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार सक्रियता बरती जा रही है। इसी सक्रियता के चलते अस्पतालों में भर्ती 12 कोरोना मरीजों को बीते 24 घंटे में स्वस्थ होने के बाद डिस्चसर्ज किया गया। लिहाजा, उत्तर प्रदेश में अब कोविड से एक्टिव केस की संख्या 266 तक पहुंच गई है। जबकि 16 लाख 87 हजार 657 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। आज 37 जिलों में एक भी कोविड मरीज शेष नहीं है। 

19.14 करोड़ के पार हुआ वैक्सीनेशन का ग्राफ
उत्तर प्रदेश में 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 14 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 73 लाख 17 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 41 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार पटीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में से 84.23 फीसदी को पहली और 45.66 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।