पत्नी मायके में थी। वहीं, बीमारी के कारण पति की मौत हो गई। फोन पर ससुराल वालों ने इसकी जानकारी दी। लॉक डाउन होने की वजह से वह मायके से निकल नहीं जा पा रही थी, जबकि ससुरालीजन उसके इंतजार में शव को अंतिम संस्कार के लिए रोके थे। जिसके बाद उसने कंट्रोल रूम पर फोन करके पुलिस से मदद मांगी। 

कानपुर (Uttar Pradesh)। कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए लागू लॉक डाउन के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अति आवश्यक कार्यों से भी नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है बर्रा थाना क्षेत्र में। जहां पुलिस कंट्रोल रूम में एक महिला ने कॉल किया। फोन रिसीव होने पर महिला ने कहा- हैला,-सर, मेरे पति की मौत हो गई है। मैं मायके में हूं, प्लीज मुझे घर ससुराल भेजवा दें...। हालांकि लॉक डाउन में सख्ती दिखाने वाली पुलिस ने यह सुनते ही हरकत में आ गई। तत्काल पुलिस महिला के घर गई और उसे एनओसी देकर कार से प्रतापगढ़ भिजवाया।

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यह है पूरा मामला
प्रतापगढ़ की रहने वाली रूबी के पति बृजलाल होमगार्ड थे। रूबी का भाई बृजेश कानपुर के बर्रा में रहता है। परिजनों के मुताबिक चार माह पहले रूबी के भाई बृजेश के घर में बेटा हुआ था, तब रूबी कानपुर आ गई थी और यहीं रुक गई। वहीं, बीमारी के कारण उनके पति बृजलाल की मौत हो गई। फोन पर ससुराल वालों ने इसकी जानकारी दी।

इस तरह ससुराल पहुंची महिला
लॉक डाउन होने की वजह से वह प्रतापगढ़ नहीं जा पा रही थी। ससुरालीजन रूबी के इंतजार में शव को अंतिम संस्कार के लिए रोके थे। रूबी ने कंट्रोल रूम पर फोन करके पुलिस से मदद मांगी। उसने बताया कि मेरे पति की मौत हो गई है, उसे किसी तरह ससुराल प्रतापगढ़ भेजने की व्यवस्था हो जाए तो वह उनका अंतिम दर्शन कर लें। महिला की पीड़ा को सुनने के बाद थाना प्रभारी रणजीत राय ने अपने खर्चें से कार बुक कराकर चालक को एनओसी देकर उसे प्रतापगढ़ भिजवाया।