12 साल पहले रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले के मामले में आज एडीजे कोर्ट आज आरोपियों को सजा का एलान करेगा। अपर जिला सत्र तृतीय के न्यायालय में शुक्रवार को आठ आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी

रामपुर(Uttar Pradesh ).  12 साल पहले रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले के मामले में आज एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है,जबकि 2 आरोपी बरी कर दिए गए। कोर्ट इस मामले में 2 नवंबर को सजा सुना सकती है। मामले में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया था जो लखनऊ और बरेली की जेल में बंद हैं। 

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बता दें कि रामपुर में 31 दिसंबर 2007 की रात आतंकियों ने सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमला किया था। इसमें मौके पर सात जवान शहीद हुए थे जबकि एक रिक्शा चालक की भी जान चली गई थी। पुलिस ने इस हमले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों को लखनऊ और बरेली की जेलों में रखा गया है।इस हमले में सात जवानों के साथ एक रिक्शा चालक ने जान गंवा दी थी।

ये थे हमले के आरोपी 
हमले के मामले में पाक अधिकृत कश्मीर के इमरान, मोहम्मद फारूख, मुंबई गोरे गांव के फहीम अंसारी, मुरादाबाद के मूंढापांडे के जंग बहादुर बाबा खान, बिहार के मधुबनी का सबाउद्दीन सबा, प्रतापगढ़ के कुंडा के कौसर खां, बरेली के बहेड़ी के गुलाब खां और रामपुर के खजुरिया गांव के मोहम्मद शरीफ को गिरफ्तार किया गया था। सभी को लखनऊ और बरेली की जेलों में रखा गया है।

दो बरी व एक पर धोखाधड़ी का आरोप साबित
जिला शासकीय अधिवक्ता सरदार दलविंदर सिंह (डम्पी) ने बताया कि मोहम्मद शरीफ, जंग बहादुर, इमरान शहजाद, मोहम्मद फारुख और सबाउद्दीन को आतंकी हमले में दोषी करार दिया गया। वहीं कौसर खान और गुलाब खान को दोषमुक्त किया गया। मामले में गिरफ्तार मुंबई गोरेगांव के फहीम अंसारी से पासपोर्ट और पिस्टल वगैरह बरामद हुए थे। उसकी हमले में कोई भूमिका नहीं पाई गई है। उसे धारा 420, 467, 468, 471, 200 आईपीसी, 25/1/ए में दोषी पाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी दोषियों को लेकर अभी सजा का ऐलान नहीं किया गया है।