यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट के जरिए उनके कार्यकाल में धर्म विशेष की बेटियों को सरकारी लाभ मिलता था। लेकिन भाजपा सरकार में सबके विकास मंत्र से कन्या सुमंगला योजना से बिना भेदभाव किए सभी बेटियों को लाभ मिल रहा हैं।

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही नेताओं की बयानबाजी दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विपक्ष को लगातार घेर रहे है। हाल ही में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट के जरिए उनके कार्यकाल में धर्म विशेष की बेटियों को सरकारी लाभ मिलता था। लेकिन उनकी सरकार में सबके विकास मंत्र से कन्या सुमंगला योजना से बिना भेदभाव किए सभी बेटियों को लाभ मिल रहा हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'फर्क साफ है अखिलेश जी आपकी सरकार में तुष्टीकरण वोटबैंक की राजनीति के चलते सिर्फ धर्म विशेष की बेटियों को मिलता था सरकारी योजना का लाभ। अब सबका साथ सबका विकास के मंत्र से। कन्या सुमंगला योजना से बिना भेदभाव सभी बेटियों को जन्म से स्नातक तक 6 चरणों में आर्थिक मदद। काम दमदार भाजपा सरकार।'

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विधानसभा चुनाव से पहले केशव प्रसाद मौर्य भी सोशल मीडिया में काफी एक्टिव हो गए है। उसके माध्यम से वो लगातार सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए अपनी पार्टी के कार्यकाल में किए गए कार्यों को गिनवाने में लगे हुए है। इसके साथ ही भाजपा सरकार महिलाओं को साधने में लग गई हैं। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए किए गए काम भी गिनवाएं थे। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि, 'भाजपा सदैव माताओं-बहनों की ज़रूरतों हेतु संकल्पित है। 1.67करोड़ रसोईगैस देकर माताओं को धूएं से मुक्ति दी। 2.61करोड़ शौचालय देकर बहनों को सम्मान दिया। 42लाख गरीबों को पक्का मकान, सर्वाधिक माताओं के नाम। आज माताएं-बहनें गर्व से कह रही हैं भाजपा में ही हमारा सम्मान है, कमल हमारा निशान हैं।'

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फिलहाल यूपी चुनाव को लेकर ट्विटर पर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है। राजनीतिक दल लगातार एक दूसरे पर हमलावर दिखाई पड़ रहे हैं। 2022 चुनाव के फैसले को अपने हित में लाने के लिए पार्टियां पूरी कोशिशें कर रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी अपने कार्यकाल में करे गए कार्यों को गिनवाने से नहीं चूक रही हैं। जिसकी वजह से ट्विटर पर लगातार बयानबाजी के बाद सियासत में गर्मी बढ़ती जा रही है। आपको बता दें कि यूपी चुनाव के लिए मतदान की शुरुआत 10 फरवरी से होनी है। सात चरणों में चुनाव होने के बाद परिणाम 10 मार्च को सामने आएंगे।