सेना के एक रिटायर्ड आफीसर ने अपनी जिंदगी भर की कमाई प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान कर दिया। रिटायर्ड फौजी के इस कार्य की हर जगह तारीफ हो रही है। 

मेरठ(Uttar Pradesh ) .  पूरा देश इस समय कोरोना से जंग लड़ने में जुटा हुआ है। इस लड़ाई में सरकार के साथ देशवासी भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। रोज ऐसे मामले सामने आरहे हैं जब लोग अपनी मेहनत की कमाई को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए सरकार को दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामला मेरठ से सामने आया है। जहां सेना के एक रिटायर्ड आफीसर ने अपनी जिंदगी भर की कमाई प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान कर दिया। रिटायर्ड फौजी के इस कार्य की हर जगह तारीफ हो रही है। 

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मेरठ के तोपखाना इलाके में रहने वाले आर्मी के रिटायर्ड जूनियर कमीशन आफीसर सरदार मोहिंदर सिंह ने कोरोना से चल रही लड़ाई में मदद की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी हर जगह तारीफ हो रही है। सरदार मोहिंदर सिंह ने अपनी पेंशन व ग्रैच्युटी से बचाई हुई 15 लाख 11 हजार की रकम पीएम केयर्स फंड में दान कर दिया। सरदार मोहिंदर सिंह गुरुवार को अपनी पत्नी सुमन चौधरी के साथ पंजाब एंड सिंध बैंक पहुंचे और वहां के मैनेजर नलिन कुमार को इस रकम का चेक सौंपा। ये रकम कोरोना वायरस से लड़ाई में लोगों द्वारा सहयोग देने के लिए खोले गए पीएम केयर्स फंड के एकाउंट में जमा करा दिया गया। 

पकिस्तान से युद्ध में गंवाई थी आंख 
सरदार मोहिंदर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में वह भी शामिल थे। इस युद्ध में पाकिस्तानी गोलियों से वह घायल हो गए थे जिसमे उन्हें अपनी एक आंख गंवानी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि मेरे पास जो भी कुछ है इसी देश का दिया हुआ है। अब देश को जरूरत है तो इसे फिर से देश को वापस कर रहा हूं। 

सभी बच्चे कर रहे हैं जॉब 
सरदार मोहिंदर सिंह के दो बेटे व दो बेटियां हैं। एक बेटा व एक बेटी जर्मनी में जॉब कर रहे हैं। जबकि एक बेटा वियतनाम व एक बेटी दिल्ली में जॉब कर रही है। उन्होंने बताया कि मेरी उम्र अब 85 साल हो गई है। ऐसे में इस पैसे की जरूरत मुझसे ज्यादा देश को है। इसलिए मैंने ये पैसा पीएम केयर्स फंड में डोनेट कर रहा हूं।