847 मजदूरों और कामगारों को लेकर पहुंची ट्रेन के डिब्बे को एक-एक कर खोला गया। इसके बाद उसमें से यात्रियों को उतारा गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद चारबाग़ के बाहर खड़ी यूपी रोडवेज की बसों के माध्यम से उन्हें उनके जिलों के लिए रवाना किया गया। 

लखनऊ (Uttar Pradesh)। महाराष्ट्र के नासिक से 847 मजदूरों और कामगारों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन आज सुबह चारबाग स्टेशन पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी श्रमिकों और कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद उन्हें बसों के माध्यम से अलग-अलग जिलों के लिए रवाना किया। वहीं, रवाना होने के पहले नासिक से आए लोगों का कहना था कि वे घर पहुंचने की उम्मीद छोड़ चुके थे। लॉकडाउन में काम भी नहीं मिल रहा था और पैसे भी खत्म हो गए थे। ऐसे में उनके सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई थी। बता दें कि महराष्ट्र से आए सभी लोगों को उनके जिले में 14 दिनों तक क्वारंटाइन किया जाएगा। इसके बाद सभी के स्वस्थ्य रहने पर उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी।

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इस तरह ट्रेन से उतरे यात्री
847 मजदूरों और कामगारों को लेकर पहुंची ट्रेन के डिब्बे को एक-एक कर खोला गया। इसके बाद उसमें से यात्रियों को उतारा गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद चारबाग़ के बाहर खड़ी यूपी रोडवेज की बसों के माध्यम से उन्हें उनके जिलों के लिए रवाना किया गया।


नहीं देना पडा एक भी पैसा

इस स्पेशल ट्रेन से आने वालों को घर पहुंचने तक एक पैसा सरकार ने नहीं लिया है। बता दें कि ट्रेन का कोई टिकट नहीं लग रहा है, क्योंकि संबधित राज्य सरकार खुद टिकट के दाम को वहन कर रही है। यात्रियों की जांच कराकर ट्रेन में लाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। यही नहीं भोजन और पानी की व्यवस्था भी ट्रेन में राज्य सरकार ही करेंगी। रास्ते में एक बार भोजन और पानी की जिम्मेदारी भारतीय रेल की है।

17 मई तक निरस्त हैं ट्रेनें

रेलवे ने ट्वीट कर कहा है कि '17 मई तक सभी मेल/एक्सप्रेस/सबर्बन आदि यात्री गाड़ियां निरस्त हैं। विभिन्न स्थानों पर रुके श्रमिकों, स्टूडेंट, श्रद्धालुओं आदि के लिए विशेष ट्रेनें राज्य सरकारों के अनुरोध पर, केवल उनके द्वारा रजिस्टर/नामित लोगों के लिए ही हैं। अतः राज्य सरकारों के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।

रेलवे की अपील- सिर्फ रजिस्टर्ड लोग ही पहुंचें

पश्चिम रेलवे की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि 'कृपया ध्यान दें -विशेष ट्रेनें राज्य सरकारों द्वारा रजिस्टर्ड तथा नामित व्यक्तियों के लिए ही प्लान की जा रही हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी कारण से रेलवे स्टेशनों पर नहीं आए। किसी को भी व्यक्तिगत रूप से रेल टिकट नहीं दिए जाएंगे और न ही कोई व्यक्तिगत अनुरोध स्वीकार किया जाएगा