सीएमएस ने बताया कि अनुमानित 10 करोड़ कीमत की मशीन खरीदने के साथ ही रेडियोलाजिस्ट और अन्य स्टाफ की नियक्ति व प्रशिक्षण की तैयारी शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। अस्पताल की ओपीडी में रोज दो हजार से अधिक मरीज आते हैं और दो सौ मरीजों का एक्स-रे, 50 का अल्ट्रासाउंड और एक हजार मरीजों की पैथालाजी में ब्लड जांच की जाती है। 

गाजियाबाद: एमआरआइ कराने के लिए हजारों रुपए नहीं बल्कि मात्र एक रुपए खर्च करना होगा। जिला एमएमजी अस्पताल में जल्द ही एक रुपये में शरीर के किसी भी हिस्से की एमआरआइ हो सकेगी। इसके साथ ही जिले के बीमार लोगों को मंहगी दरों पर निजी लैबों से एमआरआइ नहीं कराना पड़ेगा। सीएमएस डा. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि उनके द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है। अगले 10 दिन में एमआरआइ मशीन मिलने की संभावना है।

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सीटी स्कैन और निशुल्क डायलिसिस का भी इंतजाम
सीएमएस ने बताया कि अनुमानित 10 करोड़ कीमत की मशीन खरीदने के साथ ही रेडियोलाजिस्ट और अन्य स्टाफ की नियक्ति व प्रशिक्षण की तैयारी शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। अस्पताल की ओपीडी में रोज दो हजार से अधिक मरीज आते हैं और दो सौ मरीजों का एक्स-रे, 50 का अल्ट्रासाउंड और एक हजार मरीजों की पैथालाजी में ब्लड जांच की जाती है। पचास से सौ मरीजों को एमआरआइ की सलाह दी जाती है। गर्मी के चलते इन दिनों मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इससे पहले संयुक्त अस्पताल में सीटी स्कैन और निश्शुल्क डायलसिस का इंतजाम है।

जिला एमएमजी अस्पताल में टेलीमेडिसिन हब स्थापित करने के लिए दूरसंचार विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को दौरा किया। इस दौरान इंटरनेट नेटवर्क के लिए 45 स्थानों को चयनित किया गया है। ओपीडी कक्ष, पैथालाजी लैब, इमरजेंसी,एक्स-रे ,अल्ट्रासाउंड और सीएमएस कार्यालय में भी नेटवर्क होगा। 

जिला एमएमजी के अलावा संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में स्थापित होने वाले टेलीमेडिसिन हब के लिए बजट पहले ही जारी कर दिया गया है। एक हब के लिए तीन कम्प्यूटर, तीन चिकित्सक और अन्य स्टाफ का इंतजाम होगा। इंटरनेट का खर्च अलग से मिलेगा।

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