पापा मुझे माफ करना, मैं अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही हूं। पापा मुझे बिल्कुल पसंद नहीं कि आप इतना सारा कर्जा लेकर हमारी शादी करो और फिर जिंदगी भर कर्ज चुकाओ। अभी गुंजन भी है। 

हरदोई (Uttar Pradesh ) । एक बेटी ने फांसी लगाकर इसलिए आत्महत्या कर लिया कि पिता को उसकी शादी करने के लिए कर्ज न लेना पड़े। मामला अतरौली थाना क्षेत्र का है। जहां जांच के दौरान पुलिस के हाथ सुसाइड नोट लगा है, जिसमें ऐसी-ऐसी बातें लिखी थी कि हर किसी की आंखें नम हो गई। जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

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ग्रेजुएट बेटी के लिए अच्छा रिश्ता खोज रहा था मजदूर पिता
जगसरा निवासी श्रीराम मेहनत मजदूरी करते हैं और चार बेटियों में दो की शादी कर चुके हैं। तीसरी बेटी रंगोली स्नातक थी। पिता उसकी शादी के लिए अच्छा रिश्ता देख रहे थे, लेकिन उनके पास दहेज के लिए रुपए नहीं थे। बेटी को इस बात का आभास था। पिता के चेहरे पर इस बात की मायूसी उसे हर दिन कचोटती रहती थी। पिता श्रीराम के मुताबिक बेटी घर से निकली थी। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई तो उसकी तलाश की। गांव के बाहर शव पेड़ के फंदे से लटकता मिला। 

पापा मुझे माफ करना...
किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि रंगोली ने ऐसा क्यों किया। तभी घर में एक सुसाइड नोट मिला जिसे पढ़ने के बाद सुसाइड की वजह सामने आई। बता दें कि रंगोली ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि पापा मुझे माफ करना, मैं अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही हूं। पापा मुझे बिल्कुल पसंद नहीं कि आप इतना सारा कर्जा लेकर हमारी शादी करो और फिर जिंदगी भर कर्ज चुकाओ। अभी गुंजन भी है। फिर उसकी शादी में भी कर्ज लोगे आप। पूरी जिंदगी यही करते रहोगे। पापा हम आपको कभी खिला नहीं पाए तो यह भी नहीं होने देंगे कि पूरी जिंदगी आप कर्ज चुकाओ। मैं अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही हूं। इसमें किसी का कोई हाथ नहीं है। प्लीज... मेरे पापा को, मेरे परिवार वालों को कोई कुछ मत करना। और न ही मेरा कोई अफेयर है। मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है।