हरदोई में एंटी करप्शन की टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग के कनिष्ठ लिपिक को रिश्वत लेते पकड़ लिया है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से पूरे कार्यालय में खलबली मच गई है।

हरदोई: योगी सरकार जबसे सूबे में आई है तबसे वो ज़ीरो टॉलरेंस की बात करती है और किसी भी तरह का कोई करप्शन को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। लेकिन उसके बाद भी सरकारी अफ्सरों की आंखों का पानी मर गया है और वो घूस लेने में पीछे नहीं हट रहे है। अब हरदोई से बेसिक शिक्षा विभाग के कनिष्ठ लिपिक को एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से कार्यालय में खलबली मच गई है।

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जानिए क्या है पूरा मामला
एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार मिश्र ने बताया कि 'पिहानी क्षेत्र के संविलियन विद्यालय जाजूपारा के शिक्षक महेश कुमार ने शिकायत की थी कि वर्ष 2019 में वह बीमार हो गए थे। दो वर्ष के एरियर का भुगतान सात लाख रुपये होना है। बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक जुनैल आब्दीन ने एरियर भुगतान के लिए एक लाख 40 हजार रुपये की मांग की है। टीम ने गुरुवार को शिक्षक महेश कुमार से संपर्क किया और उन्हें दस हजार रुपये देकर परिषदीय नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेज दिया। साथ ही टीम भी वहां पर पहुंच गई। शिक्षक के रुपये देते ही टीम ने कनिष्ठ लिपिक को पकड़ लिया।' रिश्वत लेते हुए कनिष्ठ लिपिक के पकड़े जाने की भनक लगते ही कार्यालय में खलबली मच गई। टीम कनिष्ठ लिपिक को लेकर शहर कोतवाली पहुंची है।

बीएसए कार्यालय में बिना घूस नहीं होता काम
बीएसए कार्यालय में अपने काम करवाने के लिए लोगों को घूस देनी पड़ता है। बता दें कि कार्यालय में लिपिक बिना खर्चा लिए शिक्षकों का कोई भी काम नहीं करते हैं। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से शिक्षकों के उत्पीड़न का मामला सार्वजनिक हो गया है।

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