यूपी के जिले मथुरा में बच्चा चोरी गैंग का सरगना हाथरस का डॉक्टर निकला है। इतना ही नहीं इसमें उसके साथ उसकी पत्नी समेत कई लोग शामिल है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के चार लोग काम कर रहे थे।

मथुरा: उत्तर प्रदेश के जिले मथुरा में रेलवे स्टेशन से बच्चा चुराने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि शहर में बच्चा चोरी गैंग का सरगना कोई और नहीं बल्कि हाथरस में सरकारी डॉक्टर दंपति निकला है। इतना ही नहीं इसमें खास बात तो यह है कि गिरोह में शामिल कुछ छह लोगों में से चार स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं। सरकारी स्वास्थ्य विभाग से वेतन के साथ ही अतिरिक्त कमाई के लिए दंपति डॉक्टर अपना निजी अस्पताल चलाते है। इसके अलावा इनके यहां स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर्स भी इनके लिए काम करती हैं।

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आरोपी दंपति डॉक्टर संविदा पर थे तैनात
जानकारी के अनुसार पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया सरगना डॉ. प्रेम बिहारी शहर के गोकुलधाम कॉलोनी सिकन्दराराऊ रोड का निवासी है, जो शहर के नवल नगर में बांकेबिहारी अस्पताल चलाता है। डीफार्मा के बाद बीडीएस करने वाला प्रेम बिहारी स्वास्थ्य विभाग के नगरिया रानी का नगला स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा फार्मासिस्ट के पद पर तैनात है। तो वहीं दूसरी ओर इसकी पत्नी डॉ. दयावती बीएएमएस और बांकेबिहारी अस्पताल संचालन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके में संविदा पर चिकित्सक के पद पर तैनात है।

पुलिस ने इन लोगों को भी किया गिरफ्तार
दोनों डॉक्टरों के अलावा विमलेश शहर के अलगर्जी निवासी और वहीं पर आशा के पद पर तैनात है पुलिस ने उनको भी गिरफ्तार किया है। इसमें दूसरी सहयोगी पूनम मुरसान के गांव वंका की निवासी है और यहीं पर आशा के पद पर तैनात है। इस मामले में इसके पति मंजीत को भी जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। बच्चा चोरी करने वाला दीप कुमार शर्मा दवाओं की बिक्री इत्यादि का काम करता है। इस मामले में कुल छह लोगों तो शामिल ही थे पर सीधे तौर पर चार लोग स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं। डॉक्टर दंपति के बच्चा चोर गिरोह सरगना के रूप में सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नवल नगर स्थित बांकेबिहारी अस्पताल को सीज कर दिया।

डॉक्टर दंपति के अस्पताल को किया गया सीज
बांकेबिहारी अस्पताल को सीज करने के बाद दंपति द्वारा संचालित अन्य अस्पतालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस डॉक्टर दंपति की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों ने अस्पताल को सील करने के आदेश दिए है। बता दें कि दंपति डॉक्टर में से पत्नी सिकन्दराराऊ क्षेत्र में संविदा डॉक्टर के पद पर तैनात है। वहीं पति शहर की पीएससी रानी का नगला में तैनात हैं। इस हरकत के सामने आने के बाद से अब इनकी सेवा समाप्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं, उसके नवल नगर के क्लीनिक को भी सीज किया गया है। छह लोगों के अलावा भी इस मामले में कुछ अन्य आशाओं के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

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