आगरा में ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पति ने पत्नी की शव यात्रा में शामिल होने के लिए आए लोगों को वापस लौटा दिया। वजह ये थी कि वह भीड़ इकट्ठा कर प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ना नहीं चाहता था

आगरा(Uttar Pradesh ). देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। सरकार ने भीड़ न इकट्ठा हो इसके लिए सारी दुकानों को बंद करने का भी आदेश जारी किया है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर तकरीबन सभी दुकाने व प्रतिष्ठान बंद हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में इन सब के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पति ने पत्नी की शव यात्रा में शामिल होने के लिए आए लोगों को वापस लौटा दिया। वजह ये थी कि वह भीड़ इकट्ठा कर प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ना नहीं चाहता था। परिवार के लगभग 5-7 लोगों के साथ जाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

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मामला आगरा के न्यू विजय नगर कॉलोनी के नगला धनी क्षेत्र का है। यहां के रहने वाले देवकी नंदन त्यागी की पत्नी ममता का बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। शव को अस्पताल से घर लाया गया। शुभचिंतकों और नाते-रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। वहीं, लॉकडाउन और भीड़ न जुटने के सरकार के आदेशों के चलते असमंजस की स्थिति हो गई। बड़ी संख्या में जुटे लोग भावावेश में कोई फैसला नहीं ले पा रहे थे। वहीं दूसरी ओर परिवार के लोग बिलख रहे थे। क्या किया जाए क्या नहीं इसे लेकर चर्चा होने लगी। इसके बाद मृतका के पति देवकी नंदन ने समाज के हित में बड़ा फैसला लिया। 

समाज की चिंता में लोगों को भेजा वापस 
मृतका के पति देवकी नंदन ने मौके पर जुटती भीड़ देखकर कहा कि ममता को तो अब वापस नहीं लाया जा सकता है। लेकिन अगर थोड़ी भी असावधानी बरती गई तो समाज के अन्य लोग परेशानी में आ सकते हैं। उन्होंने तत्काल मौके पर आए लोगों से निवेदन किया कि वे सबकी भावनाओं को समझते हैं पर इस समय अच्छा यही होगा कि लोगों की जिंदगी मुसीबत में न डाली जाए। उन्होंने लोगों से कहा कि वे सभी लोगों की संवेदनाओं को समझते हैं पर समाज हित में सिर्फ दस लोग ही अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए ताजगंज स्थित श्मशान घाट चलें। इसके बाद उन्होंने सभी से घर जाने की अपील की। 

लॉकडाउन के चलते मां के अंतिमसंस्कार में नहीं आ पाया बेटा 
देवकी नंदन का बड़ा बेटा दीपक लॉकडाउन के चलते मां के अंतिम संस्कार में नहीं आ पाया। वह मर्चेंट नेवी में तैनात है। उसकी नियुक्ति इन दिनों दुबई में है। बंदिशों के चलते दीपक वहां से नहीं निकल पाया। वीडियो कॉल के जरिए उसे मां के अंतिम दर्शन कराए गए। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर आंख नम हो गई।