प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस ने कहा कि वह पार्टियों की चुनावी सभाएं व रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। राजनीतिक पार्टियों से कहा जाए कि वे चुनाव प्रचार इलेक्ट्रानिक माध्यम और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने देश-विदेश में कोरोना (Covid 19) के नए वैरिएंट ओमिक्रोन (New varient omicron) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha chunav 2022) टालने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने अनुरोधपूर्वक कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां रैलियों में भारी भीड़ एकत्र कर रही हैं। प्रधानमंत्री (PM) और चुनाव आयुक्त (EC) चुनावी रैलियों पर कड़ाई से रोक लगाएं। प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस ने कहा कि वह पार्टियों की चुनावी सभाएं व रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। राजनीतिक पार्टियों से कहा जाए कि वे चुनाव प्रचार इलेक्ट्रानिक माध्यम और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।

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यह टिप्पणी जस्टिस शेखर कुमार यादव ने उत्तर गिरोहबंद कानून के तहत जेल में बंद आरोपी संजय यादव की जमानत को मंजूर करते हुए की। बता दें कि संजय यादव के खिलाफ इलाहाबाद के थाना कैंट एरिया में मुकदमा दर्ज है। हाई कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि आज इस न्यायालय के समक्ष लगभग चार सौ मुकदमें सूचीबद्व है। इसी प्रकार से नित्य मुकदमें इस न्यायालय के समक्ष सूचीबद्व होते हैं जिसके कारण अधिक संख्या में वकील उपस्थित होते हैं और उनके बीच किसी भी प्रकार की सोशल डिस्टेंस नहीं होती है। वकील आपस में नजदीक खडे़ होते हैं। जब कि कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और तीसरी लहर आने की संभावना है।

कई देशों में लगा लाकडाउन 
हाई कोर्ट ने कहा कि समाचार पत्रों के अनुसार ओमिक्रोन के 24 घंटे में हजार नए मामले मिले हैं। इसमें 318 लोगों की मौतें हुई हैं। इस महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, स्काटलैंड जैसे देशों ने संपूर्ण व आंशिक लाकडाउन लगा दिया है। ऐसी दशा में महानिबंधक, उच्च न्यायालय इलाहाबाद से आग्रह है कि वह इस विकट स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाएं।