बीते शनिवार को इनकम टैक्स विभाग की टीम ने लखनऊ के जैनेंद्र यादव, मैनपुरी के मनोज यादव और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय के घर मऊ में सुबह छापेमारी की शुरुआत की गई थी। इसके बाद सपा नेता राहुल भसीन से होते हुए यह छापेमारी मंगलवार सुबह खत्म हो गई। छापेमारी के दौरान विभाग की ओर से क्या क्या बरामदगी की गई है, इसकी अधिकृत जानकारी अफसरों की ओर से जल्द ही साझा की जा सकती है।  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha Chunav 2022) से ठीक पहले इनकम टैक्स विभाग (Income tax department) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेताओं के यहां छापेमारी की कार्रवाई की। शनिवार को इनकम टैक्स विभाग की टीम ने लखनऊ के जैनेंद्र यादव, मैनपुरी के मनोज यादव और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय (rajiv rai) के घर मऊ में सुबह छापेमारी (Raid) की शुरुआत की गई थी। इसके बाद सपा नेता राहुल भसीन से होते हुए यह छापेमारी मंगलवार सुबह खत्म हो गई। छापेमारी के दौरान विभाग की ओर से क्या क्या बरामदगी की गई है, इसकी अधिकृत जानकारी अफसरों की ओर से जल्द ही साझा की जा सकती है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सपा नेताओं का दावा, 'छापेमारी में अफसरों के हाथ खाली'
छापेमारी के बाद से लगातार सपा नेताओं की ओर से दावा किया जा है कि उनके यहां से आयकर विभाग की अफसरों को रेड के दौरान कुछ नहीं मिला। जैनेंद्र यादव उर्फ नीटू का दावा है कि उनके घर से इनकम टैक्स विभाग कुछ नहीं मिला। बताया जा रहा है नीटू के मुताबिक, उनके घर से केवल 1.02 लाख कैश, 400 ग्राम सोना मिला है। तो वहीं, राहुल भसीन उर्फ जगत का कहना है कि उनके घर भी इनकम टैक्स विभाग की टीम को कुछ नहीं मिला। करीब 15 से 16 घंटे तक सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय के घर आयकर विभाग की छापेमारी चली, जो रात करीब 12 बजे के आसपास खत्म हुई। राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय के दावे के अनुसार, उनके घर से सिर्फ टीम ने मौके से करीब साढ़े 17 हजार रुपए के अलावा मोबाइल कॉल डिटेल, ईमेल, हार्ड डिक्स, कंप्यूटर सहित कुछ कागजात ज़ब्त किए है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय के दावे हुए थे खारिज
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय के दावों के बीच आयकर विभाग ने सोमवार को उनके दावों को खारिज करते हुए छापेमारी से जुड़ा बड़ा खुलासा किया था। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच में करोड़ों के कर चोरी के प्रमाण मिले हैं। इस दौरान 14 निजी व सार्वजनिक बैंकों में दो दर्जन से ज्यादा लॉकरों को सीज किया गया। प्रारंभिक जांच में सपा नेता के बेंगलुरु में संचालित स्कूल और कॉलेजों में डोनेशन के माध्यम से करोड़ों का हेरफेर के सबूत मिले हैं। इसे कई शहरों में रियल एस्टेट में निवेश किया गया है। पूर्वांचल के शहरों के साथ लखनऊ में भी करोड़ों रुपये की संपत्तियों के कागजात मिले हैं। ये परिवार की महिलाओं व परिजनों के नाम से हैं। 

अधिकारियों की पूछताछ में सपा नेता ने बताया कि उन्होंने कई कंपनियों में करोड़ों की फंडिंग की है। लेकिन उनका नाम कागजों में नहीं है। जबकि उस कंपनी के लाभ में उन्होंने 50 फीसदी तक हिस्सा तय किया हुआ है। जांच बेंगलुरु से उप निदेशक जांच एम जैन के अलावा बनारस से जेपी चौबे, राकेश कुमार श्रीवास्तव, गोपीनाथ चौबे शामिल रहे।

अखिलेश यादव ने बोला था हमला
सपा नेताओं के घर इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी कार्रवाई के बाद यूपी की सियासत भी गरमा गई थी। अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा तंज कसा था। साथ ही केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया था। अखिलेश यादव ने कहा था कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हार सताएगी, दिल्ली से बड़े-बड़े नेता आएंगे। कोई बड़ा नेता ऐसा बचेगा नहीं जो बीजेपी का उत्तर प्रदेश में ना आए। अभी तक इनका ही इनतार था कि इनकम टैक्स कब आएगा। अभी तो इनकम टैक्स आया है, ईडी और सीबीआई भी आएंगी। अखिलेश ने कहा कि ना जाने और कौन-कौन से विभाग उत्तर प्रदेश में आएंगे। आफवाह फैलाइ जाएगी, साजिश की जाएगी। लेकिन इन सबके बावजूद भी साइकिल की रफ्तार कम नहीं होगी। ना ही रथ की रफ्तार कम होगी।