43वें हिंदी सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को साहित्य भूषण सम्मान से नवाजा। सम्मान में सीएम ने उन्हें दो लाख रूपए की धनराशि भी दी।

चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सीएम ने कहा कि हर दो माह में जगद्गुरु रामजन्म भूमि के फैसले के बारे में पूछते रहते थे। उनकी तारीख करते हुए कहा कि समाज में सब अपने लिए सोच रहे हैं पर राम मंदिर को पूछने वाले सिर्फ जगदगुरु रामभद्राचार्य ही हैं। जिनसे हमने हमेशा मंदिर बनने की बात कही। कोर्ट ने अयोध्या में फैसला दिया। अब राम मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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अब इस विवि की चिंताएं खत्म
सीएम ने कहा कि राम मंदिर की चिंता समाप्त तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विवि की चिंताएं खत्म होंगी और बेहतरी आएगी। इस विवि को दिव्यांगजन कल्याण विभाग से जोड़कर आर्थिक सहयोग करने की व्यवस्था हो रही है। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों को शासकीय सेवा में नौकरी की अनिवार्यता दी है। रैंप, उपकरण, आर्थिक स्वावलंबन दे रहे हैं। यही प्रदेश स्तर पर हो रहा है। दिव्यांगजनों के पेंशन बढ़ाने पर काम हुआ। 

जगद्गुरु रामभद्राचार्य को साहित्य भूषण सम्मान
43वें हिंदी सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को साहित्य भूषण सम्मान से नवाजा। सम्मान में सीएम ने उन्हें दो लाख रूपए की धनराशि भी दी। 

सीएम ने की जगद्गुरु रामभद्राचार्य की तारीफ
साहित्य साधना के लिए सीएम ने स्वामी रामभद्राचार्य की तारीफ की। कहा कि उनका मार्गदर्शन व योगदान अनंतकाल तक मिलता रहे, यही कामना करता हूं।