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11 साल की कैद से रिहा हुए भगवान, कानूनी दांव-पेंच में हुई जीत पर लोगों में दिखी खुशी

यूपी के कानपुर देहात में माल खाने में कैद भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी को 11 साल लग गए। माल खाने से बाहर आने के बाद ग्रामीणों ने जोरो-शोरो से उनका स्वागत किया। उनके स्वागत के दौरान भक्तों ने जमकर जय श्री राम के नारे लगाए।

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First Published Nov 12, 2022, 3:13 PM IST

कानपुर: त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम ने 14 साल वनवास में गुजारे थे तो वहीं कलियुग में भगवान ने 11 साल पुलिस थाने में बिताए। दरअसल यह अनोखा मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के थाना रूरा का है। यहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण को 11 साल बाद रिहाई मिली है। माल खाने से बाहर आने में देर से ही सही भगवान अपने मंदिर में शुक्रवार की देर शाम एक बार फिर विराजमान हो गए। जिस तरह अयोध्यावासियों ने 14 साल बाद नगर में लौटने पर भगवान राम का स्वागत किया था। इसी प्रकार 11 साल की रिहाई के बाद ग्रामीणों ने जोर शोर के साथ अपने भगवान का स्वागत किया। इस दौरान भगवान को अपने बीच देखा ग्रामीण भावुक हो गए। 

साल 2011 में भगवान राम की मूर्ति हुई थी चोरी
दरअसल कानपुर देहात के थाना रूरा के अंतर्गत गांव के रघुनाथ प्रसाद ने वर्ष 1964 में ठाकुरद्वारा बनवाया गया था। इसमें अष्टधातु की प्रभु राम, माता सीता व लक्ष्मण की मूर्ति के अलावा अन्य देवी देवता की मूर्तियां भी स्थापित कराई गई थी। उसके बाद से लगातार ग्रामीणों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं इस मंदिर की चर्चा दूर-दराज तक होती थी लेकिन साल 2011 में चोरों ने भगवान के घर में चोरी की और प्रभु श्रीराम माता सीता व लक्ष्मण जी की अष्टधातु की मूर्ति चुराई। 11 वर्ष बाद न्यायालय के आदेश पर थाने के मालखाने से मंदिर के सर्वराकार को वापस मिली हैं। 

माल खाने में ही होती रही प्रभु श्रीराम की पूजा
मंदिर से मूर्ति चोरी होने पर रघुनाथ प्रसाद के नाती राजेश व रामू गुप्ता ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए चोरी का खुलासा करते हुए मूर्तियां भी बरामद कर ली थी लेकिन कानूनी दांवपेच के चलते मूर्तियों को साल 2011 में रूरा थाने के माल खाने में सुरक्षित रखवा दिया गया था। उसके बाद से भगवान की पूजा अर्चना माल खाने के अंदर ही समय-समय पर होती रहती थी। प्रभु की रिहाई से पहले मंदिर में दूसरे देवी देवताओं की पूजा हो रही थी लेकिन सीता, राम, लक्ष्मण का दरबार खाली था। माल खाने से आने के बाद आचार्यों के द्वारा धार्मिक अनुष्ठान कराकर मूर्तिया दरबार में स्थापित कराई जाएंगी। मूर्तियां आने से हर कोई उत्साहित है।

कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा मंदिर में पहुंचे भगवान
पुलिस के द्वारा चोरी का खुलासा करने के बाद पूरे मामले को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पूरे मामले की सुनवाई शुरू हुई और देखते ही देखते 11 साल बीत गए। भगवान थाना रूरा के माल खाने में कैद होकर रह गए लेकिन सर्वराकार रामू गुप्ता ने हार नहीं माली और कानूनी दांवपेच का जवाब देते हुए शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर पुनः मंदिर में भगवान को पहुंचा दिया। कानूनी दांवपेच से छूटने के बाद मंदिर पहुंचे भगवान को देख ग्रामीणों ने जमकर जय श्री राम के नारे लगाए। इस मामले पर थाना प्रभारी प्रवीन कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भगवान की मूर्तियां सर्वराकार को सौंप दी गई है।

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