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UP: बजरंगबली को बंदर बोलता था IAS इफ्तिखारुद्दीन, कहता था- जानवरों की पूजा करते हो, सामने आए ऐसे 65 वीडियो

Senior IAS मो. इफ्तिखारुद्दीन कमिश्नर कार्यालय के कर्मचारियों से कहते थे कि तुम लोग तो जानवरों की पूजा करते हो, तुम्हारा इंसान बने रहना मुश्किल है। कर्मचारियों का कहना था कि वे कमिश्नर की शिकायत करने की कभी हिम्मत नहीं जुटा सके।

Kanpur Shocking revelations case of conversion and promote fanaticism of Senior IAS Mohammad Iftikharuddin
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Kanpur, First Published Oct 2, 2021, 9:47 AM IST
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कानपुर। Senior IAS मो. इफ्तिखारुद्दीन के धर्मांतरण और कट्टरता को बढ़ावा देने के मामले में रोजाना चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब तक की एसआईटी जांच (SIT investigation) में ऐसे 65 वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इफ्तिखारुद्दीन धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं। इनमें कुछ वीडियो कमिश्नर कैंप कार्यालय के हैं। इन सभी वीडियो को  SIT ने जांच में शामिल कर लिया है। शुक्रवार को एसआईटी ने कमिश्नर कार्यालय के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। एक कर्मचारी का कहना था कि इफ्तिखारुद्दीन हनुमानजी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करते थे। उन्हें बंदर कहकर बुलाता था। वे पूजा करने पर भी जलील किया करते थे। कहते थे कि एक जानवर की पूजा करने से तुम लोगों का इंसान बने रहना मुश्किल है।

SIT ने कर्मचारी से पूछा कि पहले इस बात का जिक्र क्यों नहीं किया? इस पर कर्मचारी का जवाब था कि वे सभी (अन्य कर्मचारी) आपस में चर्चा कर लेते थे, लेकिन शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। आखिर वे किससे शिकायत करने जाते? कौन उनकी बात मानता? नौकरी अलग से चली जाती। एक अन्य कर्मचारी का कहना था कि इफ्तिखारुद्दीन जब कानपुर में कमिश्नर थे, तब यहां एक ग्वाल टोली के युवक का खूब आना-जाना था। वह उनके (इफ्तिखारुद्दीन) साहित्य का प्रचार-प्रसार करता था। उस युवक ने कैंप कार्यालय से लेकर दफ्तर तक इतनी हनक बढ़ा ली थी कि उसे कोई कुछ नहीं कह सकता था। अक्सर वह कमिश्नर साहब के पास कोई ना कोई काम लेकर मिलने आता था। 

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कमिश्नर आवास में जिनका धर्म परिवर्तन हुआ, उनकी तेजी से तलाश
शुक्रवार को SIT के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी कानपुर में एडीजी जोन दफ्तर पहुंचे। यहां उनकी टीम ने 6 लैपटॉप के जरिए सभी 65 वीडियो की जांच की और स्क्रिप्ट तैयार करना शुरू कर दिया। ये वीडियो आधे घंटे से लेकर 5 से 10 सेकेंड तक के हैं। इनमें क्या कहा जा रहा है? कौन-कौन लोग तकरीरों में शामिल होते थे? इस तरह के कई सवालों के जवाब SIT तलाश रही है। इसके साथ ही उन लोगों को भी तलाश हो रही है, जिनका धर्म परिवर्तन कमिश्नर आवास में हुआ था। 

चमड़ा कारोबारी से भी थीं नजदीकियां, IAS ने पैरवी की थी
कहा जाता जाता है कि IAS इफ्तिखारुद्दीन अभी भी महीने-दो महीने में ग्वालटोली आते रहते हैं। यहां इस्लाम को बढ़ावा देने संबंधी बैठकें होती रहती हैं। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर से जुड़े एक बड़े चमड़ा कारोबारी ने भी इफ्तिखारुद्दीन से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। इसका कारोबारी ने खूब मुनाफा कमाया। गंगा में दूषित जल प्रवाहित करने पर एक कार्रवाई में इफ्तिखारुद्दीन ने पैरवी भी की थी। तब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी को IAS ने फटकार लगाई था। 

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अल्लाह की बताई थी खूबियां, मूर्ति पूजा पर उठाए थे सवाल
SIT जांच में सामने आया है कि HBTU में चर्म निर्यात परिषद (CLE) का एक कार्यक्रम था। इसमें IAS इफ्तिखारुद्दीन भी शामिल होने पहुंचे। उन्होंने चमड़ा कारोबारियों के सामने अल्लाह की शान में खूब कसीदे पढ़े थे। वे इतने भावुक हो गए थे कि अपना हाथ डायस पर पटकने लगे थे। उनकी तेज आवाज धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रही थी। इस दौरान उन्होंने मूर्ति पूजा पर सवाल उठाए थे और माला पहनने से मना कर दिया था।

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यह है पूरा मामला
हाल ही में Senior IAS इफ्तिखारुद्दीन के तीन वीडियो वायरल हुए थे। दावा किया गया था कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान वे कैंप कार्यालय में धर्मांतरण और कट्टरता को बढ़ावा देते थे। यहां तकरीरें होती थीं। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। मामले सामने आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच का आदेश दिया था। इसके लिए डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अध्यक्षता में SIT का गठन किया था। इसमें कानपुर के एडीजी भानु भास्कर समेत कई अफसर शामिल हैं।

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