कानपुर हिंसा के बाद पुलिस का आरोपियों पर शिकंजा लगातार जारी है। इस बीच उपद्रवियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमले का मामला सामने आया। फोर्स को गुमराह करने के लिए लोगों ने घरों की लाइट और स्ट्रीट लाइट तक बंद कर दी। 

कानपुर: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के जनपद में मौजदूगी के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा को लेकर पुलिस पत्थरबाजों पर शिकंजा कस रही है। हालांकि इलाके में पूरी तरह से शांति नहीं हो पाई है। इस बीच एक आरोपित को पड़ने गई पुलिस टीम पर बजरिया थाना क्षेत्र के कंघी मोहाल में भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस एक आरोपित को पकड़ने में कामयाब रही जबकि दूसरे को भीड़ वहां से छुड़ाकर ले गई। इस बीच भीड़ ने पुलिस पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस की ओर से पथराव जैसी किसी भी घटना से इंकार किया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है और आसपास जबरदस्त तनाव देखने को मिल रहा है। 

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उपद्रवियों को पकड़ने गई पुलिस पर हमला 
गौरतलब है कि शुक्रवार 3 जून को हुए उपद्रव के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। पुलिस इस बीच वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ में लगी हुई है। वीडियो से ही चिन्हित हुए दो उपद्रवियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम कंघी मोहाल पहुंची थी। जहां भीड़ सामने आ गई। पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ भी लिया। लेकिन इसी बीच भीड़ ने पुलिस पर धावा बोलकर एक को छुड़ाने में सफलता हासिल की। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। इस बीच पुलिस मूवमेंट में दिक्कत डालने के लिए लोगों ने मार्ग प्रकाश और घरों के बल्ब तक बंद कर दिए। 

फोर्स को भटकाने का हुआ प्रयास
पुलिस को सूचना मिली थी कि बजरिया थाना क्षेत्र के कंघी मोहाल इलाके का निवासी मन्ना का बेटा आमिर भी उपद्रवियों में शामिल था। उसी को पकड़ने के लिए पुलिस गई थी। नाजिर ढाल के पास पुलिस को आमिर और उसका साथी दिखा। पुलिस ने जैसे ही उसे पकड़ा तो क्षेत्रीय लोग महिलाओं के साथ विरोध करने लगे। देखते ही देखते भीड़ बढ़ने लगी और आमिर का दोस्त पुलिस की हिरासत से भागने में कामयाब रहा। जब पुलिस और पीएसी वहां पहुंचने लगे तो लोग घरों में दुबक गए। इस बीच लोगों ने घरों की बिजली और स्ट्रीट लाइट तक को बंद कर दिया। कुछ लोगों ने तो घरों पर ताले तक लटका दिए। 

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