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कानपुर हिंसा: क्राउड फंडिंग के आरोपी मुख्तार की सील हुई बिरयानी की दुकानें, पुराने केस को लेकर भी एक्शन जारी

कानपुर में स्थित बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा पर क्राउड फंडिंग को लेकर आरोप लगा है। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले गिरफ्तार किया और शहर में कई दुकानों को सील कर दिया है। आरोप है कि मुख्तार बाबा ने पत्थरबाजों को 500 से लेकर 1000 रुपए भी दिए थे।

Kanpur Violence Biryani shops sealed by Mukhtar Baba accused of crowdfunding action continues on old case
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Lucknow, First Published Jun 28, 2022, 7:51 AM IST

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बीते दिनों यानी तीन जून को हुई हिंसा में क्राउंड फंडिंग को लेकर कई खुलासे हुए। जिसमें शहर के बेकन गंज स्थित बाबा बिरयानी के संचालक मुख्तार बाबा का नाम सामने आया। जिसके बाद से पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। मुख्तार बाबा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को जिलाधिकारी के आदेश पर बाबा बिरयानी के सभी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करते हुए उन्हें सील कर दिया गया है। सील करने से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा बाबा बिरयानी की दुकानों पर सैंपलिंग की कार्रवाई की गई थी।

आरोपी मुख्तार बाबा ने पत्थरबाजों को दिए थे 500 से 1000 रुपए
लेकिन सैंपल फेल होने के बाद सोमवार को स्वरूप नगर, जूहीस नवीन मार्केट, जाजमऊ समेत सभी दुकानों पर एफडीए का हंटर चला और कई दुकानों को सील कर दिया गया है। बची हुईं दुकानों पर भी जल्द ही सैंपलिंग ली जाएगी और उसके बाद उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। दरअसल बाबा बिरयानी ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में दुकानें खोल रखी हैं जिन पर अब कार्रवाई की जा रही है। बाबा बिरयानी के मालिक मुख़्तार बाबा पर कानपुर हिंसा के लिए क्राउड फंडिंग का आरोप है। इतना ही नहीं उस पर यह भी आरोप है कि उसकी दूकान पर ही हिंसा की पूरी पटकथा लिखी गई थी। जिसके बाद पत्थरबाजों को 500 से लेकर 1000 रुपये दिए गए थे। जांच में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने मुख्तार बाबा को गिरफ्तार कर लिया था।

नागरिकता संशोधन कानून के दौरान भी लगा था फंडिंग का आरोप
ज्ञात हो कि साल 2019-2020 में नागरिकता संशोधन कानून के दौरान हुई हिंसा में भी मुख्तार बाबा पर उपद्रवियों की फंडिंग करने का आरोप लगा था। लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस अफसरों ने उसे क्लीन चिट दे दिया था। शहर में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद बाबा के खिलाफ दर्ज मामलों में उन्हें क्लीन चिट देने वाले प्रशासनिक अफसरों पर भी पुलिस की टेढ़ी नजह बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि उन अधिकारियों पर जल्द ही गाज गर सकती है। इस पूरे मामले में उस दौरान की जांच करने वाली संबंधित अधिकारियों की फाइल दोबारा खोली जा रही है। इस मामले को लेकर जांच के आदेश पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने दिए हैं।

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