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घोर लापरवाही की दास्तां है लेवाना होटल अग्निकांड, नोटिसों के बाद भी बेपरवाह होता रहा संचालन

लखनऊ के हजरतगंज स्थित लेवाना होटल में हुए अग्निकांड के बाद बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है। लगातार सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर होटल का संचालन किया जा रहा था। 

Lucknow levana hotel fire case update ower agarwal brothers
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First Published Sep 6, 2022, 2:04 PM IST

लखनऊ: हजरतगंज इलाके के फाइव स्टार होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड के बाद 4 लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। लेवाना होटल अग्निकांड के बाद अब शासन स्तर से भी एक्शन शुरू हो गया है। होटल के ध्वस्तीकरण को लेकर कमिश्नर रोशन जैकब की ओर से निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं हजरतगंज कोतवाली में होटल मालिकों को खिलाफ दर्ज एफआईआर में घोर लापरवाही की पूरी दास्तां निकलकर सामने आई है। 

होटल में नहीं थे सुरक्षा के कोई इंतजाम, कई जगह नियमों की अनदेखी
क्राइम नंबर 317 जो कि दयाशंकर द्विवेदी की ओऱ से दर्ज कराई गई एफआईआर है उसमें होटल मालिक पवन अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, रोहित अग्रवाल और मैनेजर सागर श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में लिखा गया है कि होटल में फायर सेफ्टी को लेकर कोई भी व्यवस्था नहीं थी। यहां तक इमरजेंसी में होटल से निकलने और दाखिल होने को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं था। बिजली की व्यवस्था भी अत्यंत अनियमित तरीके से की गई थी। आग लगने के दौरान धुआं बाहर निकलने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। होटल में असुरक्षित तरीके से तमाम गैस के सिलेंडर रखे हुए थे और इमरजेंसी से निपटने को लेकर भी कोई उपाय नहीं थे। एफआईआर में आगे लिखा गया कि होटल के कमरे में खिड़कियों के बाहर लोहे के मोटे-मोटे ग्रिल लगे हुए थे। इसी के चलते न खिड़की बाहर खुल सकती थी और न ही खिड़की से कोई बाहर निकल सकता था। आग लगने के बाद खिड़की तोड़कर अंदर जाने में फायर ब्रिग्रेड कर्मियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 

अग्निकांड के बाद आसपास के लोगों में दहशत
इस अग्निकांड में आसपास के घरों और फ्लैटों में भी आग लगने की पूरी संभावना थी। इस घटना के दौरान आसपास के लोगों में भी दहशत देखी गई। मौके पर तनाव के हालात बने हुए थे। वहीं इस घटना के बाद टीम मौके पर पहुंची और वहां से कई साक्ष्य संकलित किए। पुलिस कमिश्नर, फॉरेंसिक टीम, अग्नि विभाग के अधिकारियों के साथ में लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने भी दो घंटे तक वहां पर साक्ष्य इकट्ठा किए। आपको बता दें कि आवासीय भूखंड पर बिना नक्शा के ही आलिशान होटल बनाया गया था। इसको लेकर लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी ने मई और अगस्त में होटल को नोटिस भी भेजी थी, हालांकि उसका कोई जवाब ही नहीं दिया गया। माना जा रहा है कि जांच के बाद इस अग्निकांड मामले में कई अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। 

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