यूपी के आगरा में करीब 15 परिवार पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। सभी ने अपने घरों के आगे मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगाए हैं। बता दें, करीब 2 महीने पहले इलाके में 3 समुदायों के बीच हुए संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 2 आरोपियों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

आगरा (Uttar Pradesh). यूपी के आगरा में करीब 15 परिवार पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। सभी ने अपने घरों के आगे मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगाए हैं। बता दें, करीब 2 महीने पहले इलाके में 3 समुदायों के बीच हुए संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 2 आरोपियों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दूसरे पक्ष के द्वारा समझौते का दबाव बनवाया जा रहा है। इसके लिए लगातार धमकी भी मिल रही है, जिसके कारण वो पलायन करने को मजबूर हैं। 

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क्या है पूरा मामला
थाना ताजगंज के तेलीपाड़ा मोहल्ला मिश्रित आबादी का है। बीते 28 सितंबर की रात इलाके में कोल्ड ड्रिंक को लेकर हुए विवाद में दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे, जमकर पथराव हुआ। इस दौरान पत्थर लगने से घायल पप्पू राठौर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक के चाचा निरंजन सिंह राठौर ने 23 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा कराया। लेकिन पुलिस ने सिर्फ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। निरंजन का आरोप है, दूसरे पक्ष के लोग लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। न मानने पर मकान खाली करने की धमकी दे रहे हैं। जिसके बाद मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगाए गए। 

पुलिस का क्या है कहना
एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने कहा- कुछ घरों पर पोस्टर लगे होने की जानकारी मिली थी। पोस्टर पड़ोस के किसी शख्स ने लगाए थे। हालांकि, पीड़ित पक्ष को आश्वासन दिया गया है जो केस दर्ज किया गया है, उस पर जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।