Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT ने अब तक क्या-क्या जांच और पूछताछ की है? मामले में दर्ज तीन शिकायतों में किन प्रमुख आरोपों और मांगों का उल्लेख किया गया है? FIR दर्ज न होने को लेकर विपक्ष, धार्मिक संगठनों और अन्य पक्षों की क्या प्रतिक्रिया है?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में अब SIT ने जांच तेज कर दी है, लेकिन FIR दर्ज न होने को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

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सूत्रों के अनुसार, SIT की टीम ने सोमवार को करीब आठ घंटे तक राम मंदिर परिसर में जांच की। इस दौरान दान पात्रों पर लगे CCTV कैमरों, नकदी गिनती की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। टीम ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों, बैंक कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों समेत कई लोगों से पूछताछ भी की।

तीन शिकायतों के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार

पिछले 24 घंटों में इस मामले में तीन अलग-अलग लिखित शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने चढ़ावे, आभूषणों और वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कुछ शिकायतों में स्वतंत्र जांच और FIR दर्ज करने की मांग भी की गई है। हालांकि जांच एजेंसियों या प्रशासन की ओर से अब तक किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और SIT फिलहाल दस्तावेजों तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।

आरोपों के बीच सामने आई सफाई

मामले में नाम सामने आने के बाद राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और उनकी संपत्ति सहित हर पहलू की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने की बात भी कही है।

इस बीच विपक्षी दलों और कुछ धार्मिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी कहा है कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और सभी पक्षों की नजर SIT की रिपोर्ट तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।