Donald Trump Iran Deal: CIA की रिपोर्ट में ईरान और अमेरिका के समझौते को लेकर क्या आशंका जताई गई है? परमाणु कार्यक्रम के संबंध में अमेरिका की प्रमुख मांगें क्या हैं? ईरान डील को लेकर ट्रंप प्रशासन के भीतर किस तरह के मतभेद सामने आ रहे हैं?
ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर जहां दोनों देशों के बीच तनाव कम होने और संभावित युद्ध टलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के भीतर ही इस समझौते पर सवाल उठने लगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के कुछ आकलनों ने ट्रंप प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रस्तावों और अपेक्षाओं को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर सकता। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष सलाहकारों के बीच उच्चस्तरीय चर्चा भी हुई है।
CIA की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया है कि ईरान की ओर से भविष्य में समझौते की शर्तों को लेकर मतभेद उभर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप विभिन्न पक्षों की राय सुनते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय स्वयं लेते हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर क्या है अमेरिका की मांग?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे और यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) को सीमित रखे। हालांकि समझौते के कथित 14 बिंदुओं वाले मसौदे को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए शर्तों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़ते हैं, तो यह समझौता नई चुनौतियों का सामना कर सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान और अमेरिका आगे इस समझौते को किस दिशा में ले जाते हैं।


