AI Training For Government Employees: लोकभवन में आयोजित AI प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य क्या था? अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के किन पहलुओं की जानकारी दी गई? सरकारी कार्यप्रणाली में AI के उपयोग से कौन-कौन से संभावित लाभ मिल सकते हैं?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी कामकाज में भी इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसी दिशा में अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए रायपुर स्थित लोकभवन में AI आधारित विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यों में नवाचार को बढ़ावा देना और अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल तकनीकों के प्रति अधिक सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण सत्र का संचालन अवर सचिव अनुभव शर्मा के नेतृत्व में किया गया।

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अधिकारियों को समझाई गई AI की उपयोगिता

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कार्यप्रणाली, इसके व्यावहारिक उपयोग और विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि AI की मदद से कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, तेज और समयबद्ध बनाया जा सकता है। सत्र में यह भी बताया गया कि आधुनिक डिजिटल टूल्स के उपयोग से दस्तावेज़ प्रबंधन, सूचना विश्लेषण और दैनिक कार्यों की दक्षता को बेहतर बनाया जा सकता है।

डिजिटल दक्षता बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई तकनीकों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। इस अवसर पर राज्यपाल की विधिक सलाहकार सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव निधि साहू, सुधीर सुलतानिया, लक्षित त्रिलोक सेठिया, अनूप अग्रवाल सहित लोकभवन के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण सत्र को प्रशासनिक कार्यों में तकनीक आधारित बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।