कानपुर(Uttar Pradesh). उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार देर रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए हैं। इस हमले में 7 और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिसमें से चार की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के पहुंचने ही विकास दुबे को इसकी भनक लग गई थी जिसके बाद उसने अपने आदमियों के साथ मिलकर सड़क पर पुलिस को रोकने के लिए जेसीबी लगा दी थी। माना जा रहा है कि अपराधी विकास ये चाहता था कि पुलिसकर्मी पैदल उसके घर की ओर बढ़ें, जिससे वह उन पर आसानी से हमला कर सके।

यूपी के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के दबिश डालने के लिए पुलिस चौबेपुर थाना क्षेत्र के दिकरू गांव गई थी। पुलिस को रोकने के लिए इन्होंने पहले से ही जेसीबी लगाकर रास्ता रोक रखा था। पुलिस दल के पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से फ़ायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए। उन्होंने आगे बताया कि एसएसपी और आईजी मौके पर हैं। कानपुर की फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। एसटीएफ टीम भी लगा दी गई है। मुठभेड़ में कम से कम छह पुलिस कर्मी घायल भी हुए हैं जिन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से चार पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त
कानपुर में हुई मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं। सीएम योगी डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से लगातार बात कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। सीएम ने इस मामले में तुंरत रिपोर्ट मंगवाई है। वहीं, सीएम ने इस मुठभेड़ में मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है।