सोनभद्र के चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जच्चा बच्चा की मौत के बाद डॉक्टर समेत पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं।

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पद को संभालने के बाद जिला अस्पतालों में कई बार औचक निरीक्षण किया ताकि वहां पर हो रही लापरवाही और अव्यवस्था को सुधारा जा सके। लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। राज्य के सोनभद्र के चोपन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उपचार के दौरान जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई। दोनों की हालत को बिगड़ता देख डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। लेकिन वहां पहुंचने पर दोनों की मृत घोषित कर दिया गया।

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पुलिस पर भी मृतक के परिजनों ने लगाए आरोप
परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि जच्चा बच्चा के ऑपरेशन के लिए प्राइवेट डॉक्टर को बुलाया गया। जबकि सरकारी अस्पताल में एक सर्जन होता है। मामले की जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी केके सिंह ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इतना ही नहीं इस मामले में पुलिस की भी लापरवाही देखने को मिली क्योंकि मृतकों की मौत के बाद उनकी तहरीर भी पुलिस ने नहीं ली। आरोप के बावजूद मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम तक नहीं करवाया गया।

हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद गर्भवती मधु 23 साल पत्नी करण कुमार निवासी बिल्ली ओबरा को सीएचसी चोपन में भर्ती कराया गया था। शाम को चार बजे डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए सरकारी डॉक्टर होते हुए नदारत थे। जिसके बाद प्राइवेट डॉक्टर फीस देकर बुलाए गए। जिसके बाद जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग दोनों को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। 

जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सीएचसी पहुंचे परिजन
मौत के बाद परिजन सीएचसी चोपन पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस मामले की जानकारी मिलते ही दल-बल के साथ चोपन थाना प्रभारी श्री कृष्ण अस्पताल पहुंचकर नाराज लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इतना ही नहीं परिजनों ने पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेना मुनासिफ नहीं समझा और ना ही परिजनों की तहरीर लेकर कोई कार्रवाई की। परिजनों को समझा बुझाकर मृतकों के दाह संस्कार करा दिया गया।

जांच के लिए सीएमओ ने गठित की दो सदस्यीय टीम
वहीं इस पूरे मामले में सीएमओ ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद गुरुवार की देर शाम जांच टीम ने चोपन सीएचसी पहुंचकर जांच की और अपनी रिपोर्ट कल तक सीएमओ को सौंप सकती है। जच्चा-बच्चा की मौत को लेकर लोगों में रोष देखा जा रहा है। जिसकी वजह से डॉक्टरों पर भी कई सवाल खड़े हो रहे है। मृतकों के परिजनों के अनुसार पुलिस की भी लापरवाही का मामला सामने आया है। जांच के बाद ही खुलासा होगा।

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