हिन्‍दू समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को गुजरात और यूपी एटीएस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार की रात उन्हें गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया है।

लखनऊ(Uttar Pradesh ).हिन्‍दू समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को गुजरात और यूपी एटीएस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार की रात उन्हें गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों की माने तो पिछले तकरीबन डेढ़ साल से इन आरोपियों ने खुद का मोबाइल नहीं रखा था। सभी आरोपी मोबाइल फोन रखे बिना नए-नए सिम से बात करते थे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

 गौरतलब है कि लखनऊ में बीते 19 अक्टूबर की दोपहर हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की उनके घर पर गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे भगवा कुर्ता पहने थे और मिठाई के डिब्बे में तमंचा व चाकू लेकर आए थे। हत्यारों ने पहले नेता से बात की और बाद में मिलने के लिए घर पर आ गए थे। करीब आधे घंटे तक बातचीत करने के बाद आरोपियो ने कमलेश के नौकर को कुछ मंगाने के लिए बाहर दुकान पर भेज दिया। नौकर वापस आया तो कमलेश खून से लथपथ जमीन पर गिरे पड़े थे। उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए गए थे। पड़ोसियों की मदद से कमलेश को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मोबाइल न रखने से नहीं ट्रेस कर सकी पुलिस 
एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला का कहना है कि आरोपी इतने दिन तक पुलिस की गिरफ्त से बचते रहे उसकी एक बड़ी वजह यह थी कि ये लोग कभी अपना मोबाइल इस्तेमाल नहीं करते थे। इन्हे कभी ट्रेस नहीं किया जा सका क्योंकि इन्होने कभी खुद के मोबाइल से बात नहीं की। 

दूसरे का फोन मांग कर उसमे नया सिम लगाकर करते थे बात 

ATS के मुताबिक़ कमलेश तिवारी के हत्‍यारोपी हमेशा किसी दूसरे का फ़ोन मांगकर उसमें नया सिम डालकर बात करते थे। कभी-कभी तो सड़क चलते किसी का फ़ोन मांगकर उसमें नया सिम डालकर एक-दूसरे से बातचीत कर लेते थे। बातचीत खत्म होने के बात सिम को तोड़कर फेंक देते थे।आरोपियों के बीच हमेशा दो नए सिम से बातचीत होती थी। पुलिस का मानना है इस तरह से आरोपियों ने सैकड़ों सिम कार्ड का इस्तेमाल बातचीत के लिए किया और फिर उन्हें तोड़ कर फेंक दिया। 

एक काल कर फंस गए हत्यारे 
ATS के मुताबिक़ नेपाल की सीमा इलाके में घूम रहे हत्यारोपी ने हत्‍यारोपी ने सूरत स्थित अपने घर पर एक कॉल किया था। बस यही एक कॉल पुलिस के काम आ गई। हत्‍यारोपियों ने कॉल कर घरवालों से रुपयों का इंतजाम करने की बात कही थी। इसके बाद से इन पर नजर रखी जाने लगी थी। जिसके बाद पुलिस ने मास्टरप्लान तैयार किया और हत्यारोपी पुलिस के जाल में फंस गए।